रिपोर्टर/अनिरुद्ध अग्रहरि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विशाल दंगल का आयोजन, पूर्व विधायक दिग्विजयनारायण जय चौबे व राकेश चतुर्वेदी ने किया उद्घाटन—रोमांचक मुकाबले देखने उमड़ी भारी भीड़

तामेश्वरनाथ धाम में सजा कुश्ती का अखाड़ा, ब्रह्मानंद ने लड़ी सबसे बड़ी कुश्ती
संतकबीरनगर/श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर बाबा तामेश्वरनाथ धाम स्थित बाबा तामेश्वरनाथ इंटर कॉलेज परिसर में विशाल दंगल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। पारंपरिक कुश्ती के इस रोमांचक आयोजन में संतकबीरनगर समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत, फुर्ती और कुश्ती के शानदार दांव-पेंच का प्रदर्शन किया। मुकाबलों को देखने के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों और कुश्ती प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी रही। विशाल दंगल प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दिग्विजयनारायण जय चौबे तथा एसआर इंटरनेशनल एकेडमी नाथनगर के डायरेक्टर राकेश चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। अतिथियों के अखाड़े में पहुंचने पर आयोजन समिति के पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। दोनों अतिथियों ने पहलवानों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। दंगल का सबसे आकर्षक मुकाबला संतकबीरनगर के स्थानीय पहलवान ब्रह्मानंद और उनके प्रतिद्वंद्वी के बीच हुआ। दोनों पहलवानों ने करीब 10 मिनट तक लगातार एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। अखाड़े में दोनों की ताकत और दांव-पेंच देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। कड़े संघर्ष के बाद मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।
ब्रह्मानंद के शानदार प्रदर्शन से प्रभावित होकर राकेश चतुर्वेदी ने ₹11,000 की पुरस्कार राशि देकर उन्हें सम्मानित किया पुरस्कार मिलते ही दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पहलवान का उत्साह बढ़ाया। दंगल में अलग-अलग जिलों से पहुंचे पहलवानों ने एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबले पेश किए। अखाड़े में उतरते ही पहलवानों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पटखनी देने के लिए तरह-तरह के दांव-पेंच आजमाए। किसी ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया तो किसी ने फुर्ती और तकनीक के दम पर दर्शकों की वाहवाही लूटी।
कुश्ती हमारी पारंपरिक खेल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा’—दिग्विजयनारायण जय चौबे पूर्व विधायक
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दिग्विजयनारायण जय चौबे ने कहा कि कुश्ती हमारी पारंपरिक खेल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले ऐसे दंगल प्रतिभावान पहलवानों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए इस तरह के आयोजनों को लगातार प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि दंगल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध पारंपरिक खेल विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कुश्ती युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक क्षमता और खेल भावना का विकास करती है। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र की नई खेल प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है इस दौरान दंगल के आयोजक एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य ब्रह्मशंकर भारती ,बालकेश भारती, इन्दल भारती, राम सुरेश पासवान (प्रधान तामेश्वरनाथ), रोहित भारती (चेलू), अनिल भारती (पिन्टू), दिलीप भारती, गिरजेश भारती (जल्ली), सियाराम भारती एवं सम्पूर्णानन्द भारती (पाण्डेय जी) सहित आयोजन मंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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