
बस्ती: रसूख के आगे नतमस्तक आबकारी विभाग, नियम-कानून ताक पर रखकर स्कूल-मंदिर के सामने खुलवा रहे शराब का ठेका
योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को पलीता लगा रहा बस्ती का आबकारी विभाग; स्कूल और मंदिर के सामने शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय लोगों ने दी तहरीर बस्ती में कानून का मजाक: श्रीकृष्ण पाण्डेय गर्ल्स स्कूल और मंदिर के सामने शराब ठेका खोलने की तैयारी, जनता का आक्रोश
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में ‘शराब माफिया’ के आगे नतमस्तक आबकारी विभाग: नियमों की धज्जियाँ उड़ाकर खुलेआम हो रहा खिलवाड़
- शराब माफियाओं का बोलबाला या प्रशासन की मिलीभगत? बस्ती में जनहित को दरकिनार कर स्कूल-अस्पताल के सामने खुल रही शराब की दुकान
- बस्ती: आबकारी विभाग की मनमानी पर फूटा लोगों का गुस्सा, जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार
बस्ती: योगी आदित्यनाथ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का दंभ भरने वाले उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में आबकारी विभाग शायद किसी और ही दुनिया में जी रहा है। यहाँ कानून के रक्षक ही ‘शराब माफियाओं’ के रसूख के आगे नतमस्तक नजर आ रहे हैं। ताजा मामला शहर के कोतवाली क्षेत्र का है, जहाँ नियमों को दरकिनार कर स्कूल, मंदिर और चिकित्सालय जैसे पवित्र और संवेदनशील स्थानों के ठीक सामने शराब का ठेका खुलवाने की तैयारी चल रही है। 
क्या नियमों की कोई अहमियत नहीं?
सरकारी गाइडलाइन स्पष्ट है कि शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और अस्पतालों के आसपास शराब की दुकानें नहीं खोली जा सकतीं। लेकिन बस्ती का आबकारी विभाग इन आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए रसूखदारों को फायदा पहुँचाने में लगा है।
धरातल पर दिखी हकीकत
इस मनमानी का विरोध करते हुए स्थानीय निवासी संजय सिंह ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि श्रीकृष्ण पाण्डेय गर्ल्स स्कूल के समीप, मंदिर और पशु चिकित्सालय के सामने शराब की दुकान खोलने की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह से जनहित के विरुद्ध है।
इस तहरीर में संजय सिंह के साथ अन्य स्थानीय लोगों ने भी हस्ताक्षर कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। यह दस्तावेज़ इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से आम जनता के विरोध को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सवाल सिस्टम पर
- क्या जिला प्रशासन को स्कूल जाने वाली छात्राओं और मंदिर आने वाले भक्तों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है?
- आखिर आबकारी विभाग के अधिकारी किसके दबाव में नियमों की इतनी बड़ी धज्जियां उड़ा रहे हैं?
- क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति बस्ती में सिर्फ कागजों तक ही सीमित है?
बस्ती की जनता अब यह पूछने को मजबूर है कि क्या यहाँ कानून का राज चलेगा या ‘रसूखदारों’ और ‘भ्रष्ट अधिकारियों’ का गठजोड़ अपनी मनमानी जारी रखेगा। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं या फिर यह शिकायत भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगी।
















