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जर्जर भवनों में न चलें स्कूल, हास्टल, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

FB IMG 1783162609631सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने टीएल बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वीबी जीरामजी से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से करने तथा प्लांटेशन में तेजी लाने पर जोर देते हुए प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में कम से कम दो मुनगा के पौधे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक सप्ताह जनभागीदारी के साथ अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ा जाए। बैठक में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, अप्रारंभ पंचायत, सामुदायिक एवं आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण, भूमि आवंटन, जल प्रदाय योजना, हस्तांतरण योग्य योजनाओं, अवमानना एवं रिट याचिका प्रकरणों की भी समीक्षा कर प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ई-विकास प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने, मूंग पंजीयन एवं सत्यापन कार्य में तेजी लाने और सभी एसडीएम को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ कैश/खाद वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्थिति में कोई भी स्कूल, छात्रावास या आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर भवन में संचालित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी आदेशित किया कि नए स्वीकृत होने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिक शाला के परिसर में ही कराने की व्यवस्था की जाए, अलग से ‘स्टैंड अलोन’ आंगनवाड़ी भवन न बनाए जाएं। इसके अलावा उन्होंने सीएम प्रगति पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा सार्थक ऐप के माध्यम से एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों में ई-अटेंडेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत 50 दिवस से लंबित शिकायतों की संख्या शून्य करें। समस्त एसडीएम को निर्देशित करते हुए कहा कि कब्जा, सीमांकन, बंटवारा जैसे अन्य राजस्व की शिकायतों को सेटिस्फेक्ट्री रूप से क्लोज करें। इसी प्रकार नॉन अटेंडेंट शिकायतों की संख्या भी शून्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसाती नालों, रपटों की साफ-सफाई करवाएं ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना एवं जनहानि से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्ग, नदी, नाले, रपटे जन पर दुर्घटना हो सकती है ऐसे स्थानों पर नोटिस बोर्ड, रिफ्लेक्टिव टेप एवं डायवर्सन संबंधी जानकारी चस्पा करें। सर्पदंश से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पतालों में एंटीवेनम का पर्याप्त स्टॉक रहे। उन्होंने स्वास्थ्य और प्रशासनिक अमले को अलर्ट पर रहने को कहा है ताकि जिले में सर्पदंश से एक भी जान न जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी स्थिति में एंटीवेनम की अनुपलब्धता अथवा समय पर एंटीवेनम न मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है कि जिले की सभी प्राथमिक, सामुदायिक और जिला स्तरीय चिकित्सा इकाइयों पर एंटीवेनम इंजेक्शन और आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों का एडवांस स्टॉक हर वक्त उपलब्ध रहे। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराएं किसी भी झाड़फूंक करवाने में समय व्यर्थ न करें। उन्होंने इस संबंध में जागरूकता फैलाने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, एसडीएम सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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