सांसद आदर्श ग्राम का ‘बतासी जोत’: कागजों पर विकास, धरातल पर कीचड़ और बदहाली!

विकास के दावों की खुली पोल: सांसद आदर्श ग्राम का ‘बतासी जोत’ आज भी कीचड़ और दलदल में जीने को मजबूर
- विकास का ‘दंभ’, बदहाली की ‘सच्चाई’: अमोढ़ा का बतासी जोत आज भी पक्की सड़क के लिए तरस रहा है!
- सांसद आदर्श ग्राम या नरक? अमोढ़ा की बदहाल सड़कें बयां कर रही हैं जिम्मेदारियों की अनदेखी।
- 11 जुलाई को सीएम पोर्टल पर शिकायत: क्या अमोढ़ा के बतासी जोत के ग्रामीणों को मिलेगी कीचड़ से मुक्ति?
बस्ती: केंद्र और राज्य सरकारें गांवों के कायाकल्प और विकास के बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। बस्ती जिले के विक्रमजोत ब्लॉक अंतर्गत आने वाली ‘अमोढ़ा खास’ ग्राम पंचायत का ‘बतासी जोत’ गांव इसका जीता-जागता उदाहरण है। 10 हजार की आबादी वाला यह गांव प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है।
कागजी ‘आदर्श’ और बदहाल धरातल
अमोढ़ा खास गांव को पूर्व में ‘लोहिया समग्र’ गांव घोषित किया गया था और इसे ‘सांसद आदर्श गांव’ के रूप में गोद भी लिया गया था। इन विशेष दर्जों के बावजूद, गांव में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। सबसे बड़ी समस्या गांव की सड़क की है, जो आज भी पक्की नहीं हो पाई है।
बरसात में नरक जैसी स्थिति
बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जलभराव और घुटनों तक भरे कीचड़ के बीच से होकर गुजरना ग्रामीणों, खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए किसी जानलेवा चुनौती से कम नहीं है। सड़क की बदहाली के कारण ग्रामीणों को आए दिन गिरकर चोटिल होने का डर बना रहता है। लोग गांव से बाहर निकलने के लिए मजबूरन कीचड़ से होकर गुजरने को विवश हैं, जो प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
ग्रामीणों ने लगाई गुहार
अपनी आवाज अनसुनी किए जाने के बाद, ग्रामीणों ने अब शासन का दरवाजा खटखटाया है। गांव के निवासी पंकज कुमार ने 11 जुलाई को मुख्यमंत्री के ‘जनसुनवाई पोर्टल’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और गांव तक पक्की सड़क के निर्माण की मांग की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इतने बड़े प्रशासनिक मंच पर शिकायत दर्ज होने के बाद क्या स्थानीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव की सुध लेंगे या यह मामला फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा।
सवाल:
- सांसद आदर्श ग्राम और लोहिया समग्र का विकास बजट आखिर गया कहां?
- क्या 10 हजार की आबादी और 14 पुरवों वाले इस गांव की अनदेखी किसी बड़े भ्रष्टाचार का संकेत है?
- अधिकारियों की यह चुप्पी कब टूटेगी और कब ग्रामीणों को सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नसीब होगी?
अजीत मिश्रा (खोजी)
मंडल ब्यूरो प्रमुख – वंदे भारत लाईव टीवी न्यूज
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







