बस्ती में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही: मौत के साए में काम करने को मजबूर कर्मचारी

अजीत मिश्रा (खोजी)
लापरवाही का पोल: कब जागेगा विद्युत विभाग?
- सुरक्षा किट का अभाव, मौत का डर: आखिर कब जागेगा विद्युत विभाग?
- बिजली का काम या मौत का खेल? नगर पंचायत में सुरक्षा मानकों की सरेआम अनदेखी
बस्ती: नगर पंचायत नगर बाजार में इन दिनों विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का नंगा नाच देखने को मिल रहा है। बिजली के खंभों पर जान जोखिम में डालकर काम कर रहे कर्मचारियों की तस्वीरें यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या विभाग को अपने कर्मचारियों की जान की कोई कीमत नहीं है?
मौत को दावत देता काम
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बिजली के कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण—न तो हेलमेट, न सेफ्टी बेल्ट और न ही इंसुलेटेड दस्ताने—के ऊंचे खंभों पर चढ़कर काम कर रहे हैं। बिजली का काम अपने आप में जोखिम भरा होता है, लेकिन सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर किया जा रहा यह कार्य किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। कार्य के दौरान एक छोटी सी चूक न केवल कर्मचारी के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, बल्कि इसके लपेटे में आम नागरिक भी आ सकते हैं।
जिम्मेदार कौन?
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है, लेकिन विभाग की सुस्ती के कारण इनका सरेआम उल्लंघन हो रहा है। सवाल यह है कि:
- क्या बिजली विभाग के अधिकारियों को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है?
- क्या सुरक्षा किट (Safety Kit) उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है?
- बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने की अनुमति आखिर कौन दे रहा है?
जनता की चेतावनी
क्षेत्रवासियों ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। लोगों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि सभी लाइनमैनों को तत्काल प्रभाव से मानक के अनुरूप सुरक्षा किट मुहैया कराई जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के काम न करे।
यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले, इससे पहले कि कोई बड़ा हादसा बस्ती की गलियों में मातम का कारण बने। क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है?
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