

बलौदाबाजार
बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ का भाटापारा शहर अपनी बड़ी मंडी, व्यवसाय और व्यावसायिक दृष्टिकोण के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है। यहाँ कई कारोबार देश-विदेश तक फैले हैं, लेकिन इसी शहर में अब एक अलग तरह का ‘कारनामा’ चर्चा का विषय बना हुआ है। अपराधों की बढ़ती श्रृंखला के बीच, अब एक बड़े दाल मिल व्यापारी के लाडले, नीर किंगरानी (उर्फ निर्माण किंगरानी) का नाम हर किसी की जुबान पर है।
’बड़े बाप का बिगड़ैल बेटा’ और चर्चाओं का बाजार
स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण किंगरानी अपने पिता के नाम और मीठी बातों के जाल में लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने और गाड़ियां लेने के लिए चर्चित है। आरोप है कि वह दोस्ती के नाम पर मोबाइल और नकदी लेकर गायब हो जाता है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पिता ने अखबार में इश्तिहार जारी कर यह तक कह दिया कि उनका निर्माण से कोई वास्ता नहीं है।
सट्टे का खेल यह लगातार कुछ वर्षों से चल रहा है और निर्माण किंगरानी के द्वारा चलाया भी जा रहा है मगर
हैरानी की बात यह है कि अभी तक यह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया और प्राप्त जानकारी के अनुसार शायद यह पुलिस का मुखबिरी का भी काम कर रहा था एक तरफ जहाँ रायपुर में उस पर चोरी का मुकदमा दर्ज है, वहीं दूसरी तरफ वह बेखौफ होकर गोवा, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में ऐश-ओ-आराम कर रहा है। सूत्रों की मानें तो वह इन शहरों में बैठकर सट्टे का बड़ा कारोबार चला रहा है, जिसमें वही मोबाइल और पैसे इस्तेमाल हो रहे हैं जिन्हें वह लोगों से ठग चुका है। चर्चा यह भी है कि वह पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करता है, जिसके कारण पुलिस की खामोशी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
प्रशासन से न्याय की गुहार
इस पूरे ‘रिश्ता क्या कहलाता है’ के खेल में, जिन लोगों ने अपने पैसे, गाड़ियां और मोबाइल खोए हैं, वे आज थाना-चौकी और अदालत के चक्कर काट रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब व्यापारी संघ ने पुलिस विभाग से लेकर सीधे मुख्यमंत्री तक इसकी शिकायत की है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और इस ‘सट्टेबाज’ पर लगाम लगाई जा सके।





