
अजीत मिश्रा (खोजी)
खाकी के खौफ से बेपरवाह सनकी: बस्ती में मुफ्त की सिगरेट न मिलने पर कानून को ठेंगा
- बस्ती के शहर कोतवाली क्षेत्र में जनता होटल के पास सोमवार रात हुई सनसनीखेज वारदात
- दुकानदार शशिकांत गुप्ता ने दिखाई बहादुरी, हाथापाई के दौरान आरोपी के हाथ से छीना हथियार
- भीड़ जुटने का फायदा उठाकर मौके से फरार हुआ आरोपी, पुलिस कर रही है तलाश
- पुलिस ने कट्टा किया कब्जे में, दुकानदार की तहरीर पर तेज हुई दबिश
बस्ती शहर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात जो हुआ, वह महज़ एक मामूली विवाद नहीं, बल्कि उस बढ़ते आपराधिक दुस्साहस का जीवंत प्रमाण है जो आम आदमी के जीवन को लगातार असुरक्षित बना रहा है। जनता होटल के पास घटी यह घटना इस बात की चीख-चीख कर गवाही देती है कि कानून का खौफ किस हद तक अपराधियों के दिलों से गायब हो चुका है।
मामला बेहद शर्मनाक और तुच्छ है—एक युवक दुकान पर आता है, मुफ्त में सिगरेट मांगता है, और जब दुकानदार शशिकांत गुप्ता अपनी मेहनत की कमाई का हक मांगते हुए इनकार करते हैं, तो वह सिरफिरा कट्टा निकालकर जान से मारने की धमकी पर उतर आता है। गनीमत रही कि दुकानदार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया और आरोपी के हाथ से हथियार छीन लिया, वरना यह मामूली बात एक खूनी खेल में बदल सकती थी।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
- कानून-व्यवस्था की सुस्ती: आखिर बदमाशों और शोहदों के हौ इतने बुलंद क्यों हैं कि वे दिन-दहाड़े या सरेआम हथियारों के साथ खुलेआम घूम रहे हैं?
- सुरक्षा का खोखला दावा: शहर के बीचों-बीच इस तरह सरेआम कट्टा लहराना पुलिस गश्त और खुफिया तंत्र की पोल खोलने के लिए काफी है।
दुकानदार शशिकांत गुप्ता की बहादुरी ने भले ही एक बड़ा हादसा टाल दिया हो और पुलिस ने कट्टा अपने कब्जे में ले लिया हो, लेकिन आरोपी का भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो जाना पुलिसिया कार्यशैली पर एक सवालिया निशान छोड़ जाता है। महज़ ‘तहरीर के आधार पर तलाश जारी है’ जैसे रटे-रटाए बयानों से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता।
प्रशासन और पुलिस को यह समझना होगा कि ऐसे असमाजिक तत्वों पर यदि शुरुआती दौर में ही कड़ा शिकंजा नहीं कसा गया, तो ये अपराधी कल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचकिचाएंगे। बस्ती पुलिस के लिए यह खुली चुनौती है कि वह जल्द से जल्द उस सनकी आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाए, ताकि आम व्यापारी और नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।




