सिंगरौली: कलेक्टर की अध्यक्षता में माइनिंग क्लोजर कमेटी की बैठक आयोजित हुई।

सिंगरौली: कलेक्टर की अध्यक्षता में माइनिंग क्लोजर कमेटी की बैठक आयोजित हुई।
पर्यावरण सुरक्षा के साथ अनुपयोगी खदानों को व्यवस्थित रूप से बंद करने एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश।
(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला)
सिंगरौली: कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में माइनिंग क्लोजर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित एवं अनुपयोगी खदानों को व्यवस्थित रूप से बंद करने, पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा खनन कार्य समाप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्रों के पुनर्स्थापन एवं पुनर्विकास से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खनन कार्य पूर्ण होने के पश्चात अनुपयोगी खदानों को निर्धारित मापदंडों एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप व्यवस्थित तरीके से बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि खदानों को बंद करने की प्रक्रिया में पर्यावरण सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक एवं पुनर्स्थापना कार्य सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने अनुपयोगी एवं बंद की जा रही खदानों में संभावनानुसार फ्लाई ऐश से सुरक्षित भराव की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सुरक्षित भराव के पश्चात संबंधित क्षेत्रों में प्लांटेशन एवं हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार अनुपयोगी खनन क्षेत्रों को भविष्य में उपयोगी एवं पर्यावरण के अनुकूल क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
कलेक्टर ने कहा कि माइनिंग क्लोजर कमेटी फंड का उपयोग क्षेत्र के समग्र विकास एवं स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों के लिए प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिनसे खनन गतिविधियों के समाप्त होने के बाद स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित हो सकें तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो। उन्होंने सभी औद्योगिक कंपनियों को निर्देशित किया कि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां, पारिस्थितिकी पर्यटन, जल संसाधन प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं, सतत जीवनशैली एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के अनुरूप प्रोजेक्ट तैयार करें तथा आगामी बैठक में प्रस्तुत करें। कलेक्टर ने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाएं स्थानीय परिस्थितियों एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप व्यावहारिक और दीर्घकालिक उपयोगिता वाली हों। उन्होंने सभी औद्योगिक कंपनियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र का ड्रोन सर्वे कराकर उपलब्ध भूमि, जल संसाधन, हरित क्षेत्र एवं अन्य संभावनाओं का आकलन करने तथा उसके आधार पर उपयुक्त प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वे के आधार पर तैयार परियोजनाओं से माइनिंग क्लोजर के बाद क्षेत्रों के बेहतर पुनर्विकास एवं स्थानीय आजीविका संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा माइनिंग क्लोजर, पर्यावरणीय पुनर्स्थापना एवं स्थानीय विकास से संबंधित विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए गए। बैठक में खदानों के क्लोजर प्लान, पर्यावरणीय पुनर्स्थापना, सुरक्षित भराव, प्लांटेशन, आजीविका संवर्धन तथा माइनिंग क्लोजर कमेटी फंड से प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पूर्ण कराए जाएं तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संघ प्रिय, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी श्री रतिभान ठाकुर, सहायक खनि अधिकारी श्री राम सुशील चौरसिया सहित विभिन्न औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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