कधवन में 230 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप, फर्जी Form-7 को लेकर हड़कंप

जिला ब्यूरो अखिलेश विश्वकर्मा ✅ गढ़वा श्री बंशीधर नगर। ग्राम कधवन में करीब 230 जीवित एवं वर्तमान निवासी मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के कथित प्रयास का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में श्री बंशीधर नगर के अनुमंडल पदाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, बूथ संख्या 271, 272 और 273 से संबंधित करीब 230 मतदाताओं के नाम हटाने के उद्देश्य से कथित रूप से Form-7 भरे गए और उन्हें संबंधित बीएलओ को आगे की प्रक्रिया के लिए सौंपा गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनके पास संबंधित Form-7 की प्रतियां एवं सॉफ्ट कॉपी भी उपलब्ध हैं।
जीवित और वर्तमान निवासी मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
आवेदन में कहा गया है कि जिन मतदाताओं के नाम से Form-7 भरे गए हैं, वे सभी जीवित हैं और वर्तमान में ग्राम कधवन में निवास करते हैं। इसके बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का कथित प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
Form-7 में दूसरे लोगों द्वारा हस्ताक्षर का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई Form-7 में संबंधित मतदाताओं की ओर से अन्य व्यक्तियों द्वारा स्वयं को आवेदक बताते हुए हस्ताक्षर किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह मतदाताओं की सहमति के बिना उनके नाम हटाने के प्रयास का गंभीर मामला हो सकता है।
दो लोगों की भूमिका पर उठे सवाल
आवेदन में उपलब्ध दस्तावेजों एवं स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर राम विजय सिंह, पिता स्व. नगीना सिंह, निवासी भैसबेढ़वा तथा राजू मेहता, पिता घुरन मेहता, निवासी कधवन की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, इन दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घर-घर सत्यापन की मांग
शिकायतकर्ताओं ने निर्वाचन पदाधिकारी से सभी संबंधित Form-7 की निष्पक्ष जांच कराने के साथ प्रत्येक मतदाता का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से पूछताछ कर यह पता लगाने की मांग की गई है कि उन्होंने स्वयं Form-7 दाखिल किया था या नहीं।
इसके अलावा Form-7 पर किए गए हस्ताक्षर और अन्य विवरणों की भी जांच कराने की मांग की गई है।
आरोप सही मिले तो FIR की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में फर्जी हस्ताक्षर, गलत घोषणा अथवा मतदाता की सहमति के बिना आवेदन देने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने दिया आवेदन
शिकायत में मुखिया फिरदौस अंसारी, सफी शेख, वकील अंसारी, कुदुस अंसारी, असलम अंसारी, जफर इकबाल, जब्बार अंसारी, फिरोज आलम, अंजार हुसैन, लाल मोहम्मद अंसारी, मोख्तार अंसारी, हामिद अंसारी, वाहिद साह, नसीम अंसारी, हजरत अली, नजुबुल्लाह अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के नाम शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामला केवल 230 मतदाताओं के नाम से जुड़ा नहीं है, बल्कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा से भी संबंधित है। अब मामले में निर्वाचन प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।





