महिलाओं का जोरदार प्रदर्शन: नाला बनने से मक्के व धान की फसल नष्ट होने और घरों में पानी घुसने के डर से भंडारिया मोहल्ले की दर्जनों महिलाएं जेसीबी के सामने लेट गईं।

जौनपुर। मड़ियाहूं नगर क्षेत्र के ददरा गांव में स्थित मदर जुबेदा पब्लिक स्कूल के सामने एक निजी भूमि में खुदाई करवाकर नाला बनवा रहे राजस्वकर्मियों के विरोध में किसानों की महिलाओं ने जेसीबी के सामने लेटकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया जिससे मौके पर हड़कंप की स्थिति बनी रही। किसान महिलाओं का आरोप है कि नाला बन जाने से सैकड़ो किसानों की मक्के की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। सुरक्षा के लिए मौके पर लगाई गई पुलिस प्रशासन भी दर्जनों महिलाओं के आगे बेबस नजर आई। मौके की नजाकत देखकर राजस्व कर्मी जेसीबी लेकर उल्टे पांव वापस चले आए। महिलाओं ने राजस्व कर्मियों की मंशा पर जेसीबी रुकवा कर पानी फेर दिया है।
बताया जाता है कि दो दिनों से मूसलाधार बरसात होने के कारण किशुनपुर ददरा समेत तमाम गांवों की बरसात की पानी निकासी नहीं होने के कारण किसानों की खेत डूब गई है वहीं ददरा प्राइमरी स्कूल भी डूब गया है। जिसके कारण शिक्षण कार्य बंद है। बरसात की पानी की निकासी ददरा बाईपास बनने से रुक गई है जिसके कारण पश्चिम तरफ का पानी सड़क के किनारे मदर जुबैदा पब्लिक स्कूल के आसपास लगी हुई है। ग्रामीणों की शिकायत पर गुरुवार की अपराह्न 3:00 बजे हल्का लेखपाल एवं कानूनगो अपने चार-पांच लेखपालों के साथ पहुंचकर पहले पैमाइश किया उसके बाद एक विवादित भूमि के बगल जेसीबी लगाकर खुदाई करने लगे। पट्टे के विवादित भूमि के बगल खुदाई कर रहे जगह पर रजिस्ट्री मालकिन का बेटा जावेद भी पहुंचा और अपनी भूमि बताते हुए खुदाई रोकने का प्रयास किया। जावेद की माना जाए तो वह 2006 में उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। लेकिन कानूनगो ने यह बताते हुए खुदाई बंद करने से इनकार कर दिया कि वह सरकारी जमीन में खुदाई करवा रहा है।
नाला बनाने की समाचार जैसे ही भंडारिया मोहल्ले में पहुंची मोहल्ले की दर्जनों महिलाएं खुदाई वाले स्थान पर पहुंचकर जेसीबी के सामने लोटकर विरोध करना शुरू कर दिया इसके बाद लेखपाल एवं कानूनगो और भारी संख्या में पहुंची पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। प्रशासन ने खुदाई रुकवा दिया और महिलाओं को समझाना बुझाना शुरू किया लेकिन महिलाएं बोली कि अगर पश्चिम तरफ के गांव का पानी हमारे खेतों में जाती है तो धान एवं मक्के की फसल समेत अन्य फसले सड़ जाएंगे इसके साथ ही हम लोगों का घर भी डूब जाएगा इससे जानमाल की भी नुकसानी हो सकती है। प्रशासन काफी महिलाओं को समझाया लेकिन महिलाएं एक बात भी मानने को तैयार नहीं रही जिसके कारण राजस्व निरीक्षक जेसीबी लेकर उल्टे पाव लौट आएं।
इस संबंध में कानूनगो ने बताया कि जिस भूमि में नाला बनाने की खुदाई की जा रही थी वह सरकार की भूमि थी किसी की निजी भूमि नहीं थी। अगर किसी की भूमि वहां हो तो वह दफा 24 से पैमाइश करा कर अपनी भूमि अलग करवा सकता है।
फिलहाल शुक्रवार को उप जिलाधिकारी मड़ियाहूं के निरीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार करने की बात बताई जा रही है। बरसात के पानी को लेकर कस्बावसियों में भी अब रोष प्रकट करना शुरू कर दिया है। कस्बावासियों ने कहा कि गांव की पानी शहर में नहीं बल्कि सुरक्षित नाला बनाकर कहीं नहर में अथवा नदी में ले जाया जाए नहीं तो पूरा नगर डूब जाएगा।
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