ब्रेकिंग न्यूज़ | पलवल पलवल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ सम्पन्न आर्य केन्द्रीय सभा के आयोजन में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा पर

आर्य केन्द्रीय सभा, पलवल द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ सम्पन्न*
संवाददाता परवीन कुकरेजा पलवल, 4 सितम्बर 2026 – आर्य केन्द्रीय सभा पलवल के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य देशराज शास्त्री जी तथा आचार्य ओमप्रकाश शास्त्री जी रहे। वेद मंत्रों का पावन उच्चारण कन्या गुरुकुल बहरौला की ब्रह्मचारिणियों तथा आचार्य श्रीमती महेंद्री जी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम जी की माताजी उपस्थित रहीं तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. धर्मप्रकाश आर्य, पूर्व महानिदेशक, आयुष विभाग, दिल्ली सरकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. महेश चन्द्र गर्ग, आर्यन हॉस्पिटल ने की।
मुख्य यजमान के रूप में श्री जसविन्दर सिंह आर्य एवं श्री दीपांशु कटारिया सपरिवार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आचार्य देशराज शास्त्री जी ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की उपलब्धियों को बहुत ही सरल शब्दों में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने अनेक राज्यक्रांतियाँ कराईं, परन्तु किसी लोभ-लालच से नहीं। श्रीकृष्ण ने जो भी देश जीते, उन्हें अपने अधीन करने की चेष्टा नहीं की और न ही किसी देश को जीतकर अपने भाई-बंधु या मित्रों को वहाँ का राजा बनाया। कंस का वध करके श्रीकृष्ण ने उसके पिता उग्रसेन को राज्य दे दिया, इसी भाँति जरासंध का वध करके उसके पुत्र सहदेव को राजा बनाया और भौमासुर को मारकर उसके पुत्र भगदत्त को राज्य पर नियुक्त किया। महाभारत के इस महान सूत्रधार ने धरती के टुकड़े पर भी शासन नहीं किया – क्या यह निस्वार्थता और निस्पृहता की पराकाष्ठा नहीं है!
महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने कहा है कि श्रीकृष्ण का जीवन इतिहास में अति उत्तम है। उनके गुण, कर्म, स्वभाव और चरित्र आप्त पुरुषों के सदृश हैं, जिसमें जन्म से मरण पर्यंत अधर्म का आचरण लेशमात्र भी नहीं किया। योगिराज श्रीकृष्ण ने सुदामा जैसे मित्र को गले लगाया, विपत्ति के समय उनकी मदद की और सत्य की विजय के लिए श्रेष्ठ लोगों का साथ दिया। इस अवसर पर हमें समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए तथा अच्छे कार्य करने वालों का साथ देना चाहिए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आर्य केन्द्रीय सभा पलवल के प्रधान श्री जयप्रकाश आर्य जी, महामंत्री श्री राजेश मंगला जी, कोषाध्यक्ष श्री आजाद कुमार रहेजा जी, ऑडिटर श्री ज्ञानचंद शर्मा जी आदि ने अहर्निश सेवा की। दूर-दराज से पधारे सभी आर्य महानुभावों, गुरुकुल से आए आचार्यों, ब्रह्मचारियों एवं ब्रह्मचारिणियों का ओ३म् पट्टिका पहनाकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर कई महानुभावों ने प्रसाद, यज्ञ सामग्री एवं दान देकर संस्था का सम्मान बढ़ाया।
इस अवसर पर श्री पवन कुमार भुटानी, श्री अभिषेक कुमार छाबड़ा, पं. रामजीलाल आर्य मास्टर नरेश जी मास्टर सुन्दर जी युद्धवीर सिंह मोतीराम पाराशर मदन मोहन आर्य चंद्रमुनि आर्य, डॉ. रंजीत जी आर्य, शघनश्याम , आचार्य हरिप्रकाश , वीरेन्द्र , श्रीमती अलका गुप्ता जी, श्री प्रदीप सरदाना , बुधराम तेवतिया, प्रकाश जी श्री यशवीर जी वीर (प्रधान, आर्य समाज दरबार कुआँ शहर पलवल), अजय भाटी वीर सिंह जी आर्य, अशोक पाराशर ,ज्ञानचंद शर्मा रविन्द्र कुमार जी आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आचार्य ओमप्रकाश शास्त्री जी ने भजनों के माध्यम से जनता को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन आर्य समाज दरबार कुआँ शहर पलवल के संरक्षक श्री यशपाल मंगला जी ने किया। अंत में प्रसाद वितरण एवं शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






