कृष्ण जन्माष्टमी पर श्री राधा कृष्ण संकीर्तन मंडली का 45वां वार्षिक उत्सव धूमधाम से संपन्न

कृष्ण जन्माष्टमी पर श्री राधा कृष्ण संकीर्तन मंडली का 45वां वार्षिक उत्सव धूमधाम से संपन्न
करुणा दीदी के श्रीमुख से राधा-कृष्ण की महिमा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
Manish Sharma (reporter)
हरिद्वार। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ज्वालापुर, हरिद्वार स्थित बंधन पैलेस में श्री राधा कृष्ण संकीर्तन मंडली के तत्वावधान में भव्य भजन संध्या एवं 45वें वार्षिक उत्सव का आयोजन बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और भक्तिमय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर राधा-कृष्ण की भक्ति में स्वयं को सराबोर किया।
कार्यक्रम में परम पूज्य सुश्री करुणा दीदी के श्रीमुख से श्री राधा-कृष्ण भगवान की महिमा, भक्ति एवं कृष्ण प्रेम की महत्ता का भावपूर्ण गुणगान किया गया। उनके मधुर वाणी से निकले भक्ति संदेश और भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को छू लिया। पूरा वातावरण राधे-राधे और श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा तथा भक्तजन भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन दिखाई दिए।
इस अवसर पर श्री नरेंद्र अग्रवाल जी ने बताया कि श्री राधा कृष्ण संकीर्तन मंडली पिछले 45 वर्षों से निरंतर धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करती आ रही है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा स्वर्गीय माया दीदी के अथक प्रयासों और समर्पण से प्रारंभ हुई थी, जिसे आज भी उसी श्रद्धा और निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके प्रयासों के कारण मंडली निरंतर भक्ति, संकीर्तन और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए दिव्य एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।
भक्ति, वैराग्य और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं करुणा दीदी
परम पूज्य सुश्री करुणा दीदी ने अपना संपूर्ण जीवन श्रीकृष्ण की भक्ति, भजन और संकीर्तन को समर्पित कर दिया है। उनका जीवन त्याग, तपस्या, वैराग्य और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने सांसारिक मोह-माया से स्वयं को दूर रखते हुए अपना जीवन प्रभु श्रीकृष्ण की सेवा और भक्ति के लिए अर्पित किया है।
उनकी साधना केवल स्वयं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे निस्वार्थ भाव से समाज में आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और सनातन संस्कृति की भावना को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। उनकी वाणी में कृष्ण प्रेम की अनुभूति और उनके जीवन में भक्ति की गहराई श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
करुणा दीदी के जीवन के लिए कुछ शब्द—
“जिसने अपना सर्वस्व श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया,
उसके लिए संसार में पाने को कुछ शेष नहीं रहता।
वैराग्य उनका आभूषण है, भक्ति उनका जीवन है,
और श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण ही उनका सबसे बड़ा धन है।”
“करुणा दीदी ने भक्ति को केवल गाया नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारा है।
उनका त्याग श्रद्धा को जन्म देता है, उनका वैराग्य प्रेरणा देता है,
और उनका कृष्ण प्रेम भक्तों के हृदय में ईश्वर के प्रति समर्पण की ज्योति प्रज्वलित करता है।”
कार्यक्रम में श्री आशुतोष चौहान, श्री नरेंद्र अग्रवाल, श्री मेहता, श्री गौरव, संस्थापक श्री गोपीचंद जी, श्री सुशील कुमार, करुणा चौहान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्री राधा कृष्ण संकीर्तन मंडली, ज्वालापुर, हरिद्वार का 45वां वार्षिक उत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर आयोजित भजन संध्या ने उपस्थित सभी भक्तों को श्री राधा-कृष्ण की भक्ति और प्रेम में सराबोर कर दिया।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






