सिंगरौली: 25 लाख की पुलिया पहली बारिश में ढही डीएमएफ के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल।


सिंगरौली: 25 लाख की पुलिया पहली बारिश में ढही डीएमएफ के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल।
(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला )
बारिश बनी गुणवत्ता की परीक्षा देवसर में चेक डैम और पुलिया नहीं झेल पाए पानी का दबाव।
सिंगरौली : जनपद पंचायत देवसर क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में चेक डैम और पुलिया क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं के बाद अब ग्राम पंचायत बूढ़ाडाड़ में डीएमएफ मद से लगभग 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सेमरा नाला पर आदिवासी-हरिजन बस्ती के आवागमन के लिए वर्ष 2026 में इस पुलिया का निर्माण कराया गया था। स्थल पर लगे शिलालेख के अनुसार निर्माण कार्य ग्राम पंचायत बूढ़ाडाड़ द्वारा डीएमएफ मद से कराया गया। लेकिन पहली ही बारिश के बाद पुलिया के किनारों पर भारी कटाव और संरचना के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें सामने आने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप हुआ होता तो पहली ही बारिश में पुलिया इस तरह क्षतिग्रस्त कैसे हो गई। आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया गया, जिससे लाखों रुपये की सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। देवसर जनपद पंचायत के कठदहा पंचायत में हाल ही दिनों में कई चेक डैम और पुलिया भी बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है क्या निर्माण पूर्ण होने से पहले तकनीकी परीक्षण और गुणवत्ता सत्यापन नहीं किया जा रहा। यदि निर्माण में अनियमितता हुई है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुलिया की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने व गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा निर्माण में लापरवाही अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की है।
निर्माणाधीन पुल बारिश से बही मिट्टी शेष कार्य कराया जाएगा उन्होंने कहा कि संबंधित पुलिया का निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है और इसे पूरी तरह तैयार मानना उचित नहीं होगा। प्रभारी सीईओ मिश्रा के अनुसार, पुलिया की स्वीकृत लागत 25 लाख रुपये है, लेकिन अब तक लगभग 7 से 8 लाख रुपये का ही कार्य हुआ है। शेष निर्माण कार्य अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण पुलिया के आसपास डाली गई मिट्टी बह गई, जिससे निर्माण स्थल प्रभावित हुआ है। बारिश थमने के बाद पुनः मिट्टी भराई सहित शेष कार्य कराया जाएगा। मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर समय पर कार्य पूर्ण नहीं होने के लिए क्या सरपंच और सचिव को जिम्मेदार माना जाए, इस पर मिश्रा ने कहा कि “पुलिया अभी निर्माणाधीन है, इसलिए फिलहाल किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। अभी कार्य शेष है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा.
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