केंद्र सरकार व्यापारियों के कल्याण व उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापार कल्याण आयोग का गठन करें-गोपाल शरण गर्ग, राष्ट्रीय अध्यक्ष*

- *केंद्र सरकार व्यापारियों के कल्याण व उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापार कल्याण आयोग का गठन करें-गोपाल शरण गर्ग, राष्ट्रीय अध्यक्ष*
*केंद्र व हरियाणा में भाजपा की सरकार बनाने में देश के 30 करोड़ व्यापारियों का है अहम योगदान-सुरेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री*
नारनौल 17 अगस्त व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और कल्याण के लिए राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर व्यापारी कल्याण आयोग का गठन किया जाए और उसे देश के अन्य आयोगों की तरह संवैधानिक दर्जा दिया जाए। केंद्र नित भाजपा सरकार एवं प्रदेशों के मुख्यमंत्रीयों से उक्त मांग करते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गोपाल शरण गर्ग एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुरेंद्र चौधरी ने भारत की आजादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश के व्यापारियों को बधाई देते हुए कहा कि कहां की देश में लगभग 30 करोड़ व्यापारी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से व्यापार से जुड़े हुए हैं। व्यापारियों के कल्याण के लिए देश में कोई भी ऐसी सरकारी संस्था नहीं है, जो उनकी समस्याओं का समाधान व उनके कल्याण एवं हितों की बात सुनने को तैयार हो।
*अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने कहा कि देश का व्यापारी हर महीने दो लाख करोड रुपए का जीएसटी सरकार को प्रदान करता है, इसके अतिरिक्त हर साल लाखों करोड़ों रुपए का इनकम टैक्स भी भारत सरकार को देता है तथा इसके अतिरिक्त विभिन्न दलों को करोड़ों रुपए का चुनावी चंदा व समय-समय पर विपदाओं के समय भी व्यापारी वर्ग अन्य सहायता प्रदान करता रहता है। व्यापारियों के सहयोग के कारण ही आज भारत देश विश्व में चौथी अर्थव्यवस्था बन सका है। श्री गर्ग ने कहा कि विपदा आने पर व्यापारी को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी राहत प्रदान नहीं की जाती, इस बात को लेकर देश के करोड़ों व्यापारियों में भारी रोष हैं, जबकि देश के व्यापारी का भाजपा की केंद्र व प्रदेशों में सरकार लाने में हमेशा अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रीयों को किसान आयोग, महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, मानव अधिकार आयोग की तर्ज पर व्यापारी कल्याण आयोग का गठन करना चाहिए ताकि व्यापारीयों को विपदा एवं परेशानी में आयोग उनकी मदद कर सके।*
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार देश में 2021 में 20231, 2022 में 13000 व 2023 में 12313 व्यापारियों ने आत्महत्या की है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि देश का व्यापारी जो सरकार का खजाना तो भरता है, लेकिन किसी कारण से जब उसका व्यापार ठप्प हो जाता है और वह सड़क पर आ जाता है तो उस समय सरकार की तरफ से व्यापारी के आंसू पूछने वाली ऐसा कोई संस्था नहीं है, जो उनके दर्द को सुनकर उनकी मदद कर सके। श्री चौधरी ने कहा कि व्यापार सुरक्षा मंच की मांग है कि व्यापारियों का दुर्घटना बीमा और उसके प्रतिष्ठान का बीमा सरकार द्वारा कराया जाए, व्यापारी जब 60 साल का हो जाए तो उसे भी वृद्धावस्था सम्मान पेंशन दी जाए, व्यापारी को भी 60 वर्ष की आयु उपरांत आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की तर्ज पर 5 लाख रुपए तक की फ्री मेडिकल सुविधा दी जाए। देश के हर राज्य में किसान भवनों की तर्ज पर व्यापारी भवन का निर्माण होना चाहिए ताकि व्यापारी एक शहर से दूसरे शहर में व्यापार करने के लिए आए तो वह उसमें ठहर सके। श्री चौधरी ने कहा कि व्यापारियों को ये सुविधा मिलने पर व्यापारी का व्यापार बढ़ेगा तो भारत सरकार व प्रदेश सरकार के खजाने में राजस्व भी बढ़ेगा ऐसा हमें विश्वास है। इसलिए सरकार व्यापारियों के कल्याण के लिए उपरोक्त मांगों को स्वीकार कर उन्हें फौरी राहत प्रदान करें।
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