यामानाशी के राज्यपाल और उप राज्यपाल ने देखा ताजमहल 21 अगस्त 2026 को लखनऊ में टूरिज्म राउंडटेबल,मोर नृत्य और बम रसिया ने जापानी प्रतिनिधिमंडल के आगरा में घोला बृज संस्कृति का रंग



जर्नलिस्ट हैंड प्राइज़ रिपोर्टर राजीव कुमार सिंह सिकरवार आगरा उत्तर प्रदेश
*यूपी-जापान गर्मी 2026*
*ब्रज की लॉटरी स्वप्नियों से ताज तक, आगरा से शुरू हुई जापानी निगम की उत्तर प्रदेश पर्यटन यात्रा*
*यामानाशी के गवर्नर और उप-राज्यपाल ने 21 अगस्त को लखनऊ में ताज देखा, पर्यटन राउंडटेबल*
*मोर डांस और बम रसिया ने जापानी अलामीन के शहर में स्वागत किया, स्लासा ब्रिज संस्कृति का रंग*
*जापानी पर्यटन उत्तर प्रदेश को एक समग्र पर्यटन यात्रा के रूप में देखें- जयवीर सिंह*
*आगरा, 20 अगस्त 2026*
ब्रज की पारंपरिक संस्कृति के रंगत, आत्मीय स्वागत और विश्वविख्यात विद्वानों की बेमिसाल सुंदरता के बीच जापान के यामानाशी मठ के उच्च गुणवत्ता वाले मसाले ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की पर्यटन यात्रा की शुरुआत की। आगरा पहुंच जापानी दल भारतीय संस्कृति और अतिथिवाजी से रूका हुआ। वहीं, बौद्धों की भव्यता और कलाकारी ने भी दार्शनिक को प्रभावित किया। मोर नृत्य और बम रसिया की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जापानी कलाकारों के स्वागत में ब्रज संस्कृति के रंग भर दिए। यात्रा की शुरुआत से ही विदेशी विदेश को उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य की अलौकिक झलक देखने को मिली।
जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी और उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा के नेतृत्व में एलिनाम डे में गलगोटियास विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद आगरा पहुंच गए। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह एवं पर्यटन विभाग के डॉ. वेदपति मिश्र ने जेपी पैलेस में तीर्थयात्रियों से मुलाकात की। मित्रो के साथ दोपहर का भोजन। आगरा में इस तरह का कार्यक्रम तैयार किया गया था कि दार्शनिक दर्शन के लिए ही नहीं, बल्कि ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आतिथ्य का भी अनुभव हो।
*ताजमहल की सुंदरता से सहमत हुए कोटारो*
विश्व को देखने के बाद यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने कहा कि ‘तस्वीरों में कई बार देखने के बाद भी इसे करीब से देखना बिल्कुल अलग अनुभव होता है। उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने इसे कई बार वैज्ञानिकों में देखा था, लेकिन यहां इसकी कला को बिल्कुल अलग तरीके से महसूस किया गया। दूर से यह भव्यता दिखाई देती है, करीब से इसकी संरचनाएं अधिक प्रभावित करती हैं।’
*अतिथियों के स्वागत का ये है पहला निरीक्षण- मंत्री*
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘आगरा, जापानी प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश यात्रा का पहला पड़ाव है। ताजमहल की भव्यता से रूबरू होने के बाद अब यह यात्रा प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश के उन रंगों और अनुभवों से जोड़ेगी, जो उत्तर प्रदेश की पर्यटन पहचान को और व्यापक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि ताजमहल भले ही यूपी को जानने का सबसे परिचित और आकर्षक प्रवेश द्वार हो, लेकिन आगे का सफर प्रदेश की विविधता की नई तस्वीर पेश करेगा। मंत्री ने आगे कहा, लखनऊ में जापानी दल अवधी मेहमाननवाजी, लजीज व्यंजन और बेहतर पर्यटन को करीब से महसूस करेंगे। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा उन्हें भारत और जापान के बीच सदियों पुराने बौद्ध और आध्यात्मिक रिश्तों से रूबरू कराएगी। हमारा प्रयास है कि प्रतिनिधिमंडल आगरा, लखनऊ और पूर्वांचल के इन अलग-अलग पड़ावों को केवल अलग पर्यटन स्थलों के रूप में नहीं, अपितु उत्तर प्रदेश के एक व्यापक और आपस में जुड़े पर्यटन अनुभव के रूप में देखें।’
*ब्रज संस्कृति ने किया प्रभावित- जुनिची इशिदेरा*
यामानाशी के उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा ने ब्रज संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि ‘जापानी प्रतिनिधिमंडल के यात्रा की शुरुआत सीधे तौर पर किसी पर्यटन स्थल से न होकर स्थानीय संस्कृति के अनुभव से होना खास रहा। उन्होंने कहा, पारंपरिक स्वागत ने हमें क्षेत्र की संस्कृति से परिचित कराया। इससे किसी स्थान को देखने से पहले ही उसके बारे में जानने और समझने की जिज्ञासा पैदा होती है।’
वहीं, यामानाशी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष काजुहिको नाकामुरा ने यात्रा की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद प्रतिनिधिमंडल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सहजता और समयबद्ध तरीके से पहुंचने का अनुभव मिला। उन्होंने आगे कहा, सबसे अच्छी व्यवस्थाएं अक्सर वही होती हैं, जिनके बारे में यात्रियों को अलग से सोचना नहीं पड़ता। हम एक कार्यक्रम से दूसरे कार्यक्रम तक आराम से और समय पर पहुंच सके हैं, जिससे हमारा ध्यान यात्रा की व्यवस्थाओं के बजाय यहां के लोगों और स्थानों को समझने पर केंद्रित रहा।’
*लखनऊ में पर्यटन कार्यक्रम*
आगरा प्रवास के बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल गुरुवार शाम लखनऊ पहुंचेगा। 21 अगस्त को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक बड़े पर्यटन कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। यहां 50 से अधिक टूर ऑपरेटरों, होटल कारोबारियों और उद्यमियों के साथ राउंडटेबल बैठक होगी। इसके साथ पर्यटन प्रदर्शनी और आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विभिन्न संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। लखनऊ का कार्यक्रम प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को पर्यटन स्थलों के अनुभव से आगे बढ़ाते हुए पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर केंद्रित करेगा। इस दौरान बौद्ध पर्यटन, वेलनेस, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटकों के लिए नए अनुभव विकसित करने जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा करेगा, जिसमें वाराणसी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थल शामिल होंगे। यात्रा कार्यक्रम में प्रदेश की आध्यात्मिक और बौद्ध विरासत को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
*’यूपी टूरिज्म को मिलेगा नया आयाम’*
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह यात्रा जापानी फिल्मों और कलाकारों के बीच उत्तर प्रदेश को लेकर प्रत्यक्ष समझ विकसित करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा, भारत और जापान के बीच पहले से ही मजबूत रिश्ते हैं। पर्यटन में शामिल होने को एक मानवीय आयाम दिया जाता है, क्योंकि इसमें लोग एक-दूसरे की संस्कृति का सीधा अनुभव करते हैं। यदि इस यात्रा के माध्यम से अधिक जापानी पर्यटन उत्तर प्रदेश को देखने और देखने के लिए प्रेरणा मिलती है और हमारे पर्यटन पर्यटन के बीच सहयोग मजबूत होता है, तो यह यात्रा आपके उद्देश्य से कहीं अधिक सार्थक सिद्ध होगी।’

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