बस्ती: 23 घंटे बाद कुआनो नदी से मिला आदर्श का शव, परिजनों के गंभीर आरोपों से उलझी मौत की गुत्थी

अजीत मिश्रा (खोजी)
कुआनो नदी में डूबे छात्र आदर्श का शव 23 घंटे बाद बरामद, परिजनों के गंभीर आरोपों से उलझी गुत्थी
- कुआनो नदी से 23 घंटे बाद छात्र का शव बरामद, हत्या या हादसा? पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर
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बस्ती: गौर थाना क्षेत्र के केकरहवा घाट पर कुआनो नदी में डूबे 22 वर्षीय आदर्श यादव का शव करीब 23 घंटे बाद शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद कर लिया गया। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सुकरौली गांव के रहने वाले आदर्श के शव को 30वीं वाहिनी पीएसी के गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद नदी से बाहर निकाला। शव मिलने के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लाइब्रेरी जाने के लिए निकला था आदर्श
परिजनों के मुताबिक, आदर्श यादव गुरुवार सुबह घर से गणेशपुर स्थित लक्ष्य लाइब्रेरी जाने के लिए निकला था। सुबह करीब 11 बजे उसकी अपने पिता राम विलास यादव से फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें उसने लाइब्रेरी पहुंचने की जानकारी दी थी। इसके कुछ देर बाद दोपहर में परिजनों को उसके कुआनो नदी में डूबने की सूचना मिली। जांच में सामने आया है कि लाइब्रेरी जाने के बजाय उसे वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सिकटा के पास एक चाय की दुकान पर दो युवकों और एक युवती के साथ देखा गया था। इसके बाद वह वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के निवासी विकास और विशाल के साथ नदी किनारे पहुंचा था।
नदी किनारे मिले सामान और साजिश के आरोप
घटनास्थल यानी नदी के किनारे से आदर्श का मोबाइल फोन, कपड़े और जूते बरामद हुए हैं। घटना के बाद विकास और विशाल के मौके से चले जाने से मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आदर्श के पिता राम विलास यादव ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर विकास और विशाल पर साजिश के तहत आदर्श को नदी में धक्का देने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और अभी इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पीएसी गोताखोरों का चला लंबा सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों और फायर विभाग की टीम ने नदी में तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन पहले दिन सफलता नहीं मिल पाई। शुक्रवार को 30वीं वाहिनी पीएसी के गोताखोरों ने अभियान को आगे बढ़ाया और करीब 23 घंटे की मशक्कत के बाद नदी से आदर्श का शव बरामद कर लिया। इस दौरान गौर थानाध्यक्ष अतुल कुमार अंजान लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर सर्च ऑपरेशन की निगरानी करते रहे।
यह घटना हादसा है या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश, यह अब पुलिस जांच का मुख्य केंद्र बन गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस परिजनों के आरोपों, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
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