धीरवास बड़ा में पानी सप्लाई व्यवस्था पर उठे सवाल लाइनों में पानी देने में मनमर्जी का आरोप, टंकी में एक लाख लीटर पानी होने के बावजूद सप्लाई में 1 नंबर लाइन बंद कर दूसरी लाइन में छोड

तारानगर। गांव धीरवास बड़ा में पेयजल सप्लाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि अलग-अलग लाइनों में पानी सप्लाई करने की व्यवस्था होने के बावजूद लाइनमैन सुंदर सिंह एवं पानी समिति के अध्यक्ष द्वारा सप्लाई व्यवस्था में मनमर्जी की जा रही है। इससे निर्धारित समय पर पानी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार 10 सितंबर 2026 को सुबह 6:00 बजे से 1 नंबर लाइन में पानी की सप्लाई शुरू की गई थी। इस लाइन के अंतर्गत अजय कॉलोनी तथा एयरटेल-वोडाफोन टावर के पास का मोहल्ला शामिल है।
लाइनमैन सुंदर सिंह के अनुसार सप्लाई के तीन घंटे बाद भी टंकी में एक लाख लीटर पानी था पानी कम होने के कारण 1 नंबर लाइन की सप्लाई बीच में ही बंद कर दी गई और दूसरी लाइन में पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई। टंकी में पानी होने की बात लाइनमैन ने खुद बताई
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि पानी सप्लाई करने वाले लाइनमैन सुंदर सिंह ने बताया कि टंकी में एक लाख लीटर पानी शेष होने के बावजूद 1 नंबर लाइन की सप्लाई बंद करके अन्य लाइन में पानी की सप्लाई क्यों दी गईं ।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पानी की उपलब्धता सीमित थी तो निर्धारित लाइन में पर्याप्त समय तक पानी की सप्लाई क्यों नहीं दी गई और दूसरी लाइन में पानी क्यों चालू किया गया? ग्रामीणों का सवाल— जिस लाइन में पानी की सप्लाई दी जा रही है, उसको बीच में बंद करके अन्य लाइन में पानी की सप्लाई क्यों दी जा रही है ?
गांव में अलग-अलग मोहल्लों के लिए पानी सप्लाई की लाइनें निर्धारित की गई हैं। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी लाइन की बारी में पानी दिया जाना तय है तो उस लाइन को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
टंकी में पानी होने के बावजूद सप्लाई व्यवस्था किस आधार पर बदली जा रही है, इसकी स्पष्ट जानकारी ग्रामीणों को मिलनी चाहिए। ग्रामीणों ने पानी समिति एवं संबंधित जलदाय विभाग से मांग की है कि पानी सप्लाई का स्पष्ट रोस्टर सार्वजनिक किया जाए, प्रत्येक लाइन को निर्धारित समय के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाए तथा टंकी में पानी की उपलब्धता के अनुसार पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की मनमर्जी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। यदि टंकी में पानी पर्याप्त है, तो पहले जिस लाइन में पानी की सप्लाई दी जा रही है उस लाइन में एक टंकी पानी दिया जाए उसके बाद अगले दिन अन्य लाइनों पानी की सप्लाई दी जाए ताकि किसी मोहल्ले के लोगों को बार-बार पानी से वंचित न रहना पड़े।
अब देखना यह होगा कि पानी समिति और जलदाय विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और धीरवास बड़ा में पानी सप्लाई की व्यवस्था को नियमित एवं पारदर्शी बनाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
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