कठूमर,104 बर्ष की बुजुर्ग महिला ने मतदान केंद्र पहुंचकर बोट डाल बनी प्रेरणा

उम्र भी नहीं डिगा सकी लोकतंत्र में आस्था: कठूमर में 104 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मतदान केंद्र पहुंचकर डाला वोट, बनीं प्रेरणा
उपशीर्षक: वार्ड 14 की वयोवृद्ध मतदाता ने लाठी के सहारे बूथ पहुंचकर दिया जागरूकता का संदेश; युवाओं के लिए बनीं नजीर। कठूमर।
उम्र चाहे 104 वर्ष की हो चुकी हो, शरीर भले ही शिथिल पड़ गया हो, लेकिन लोकतंत्र के प्रति निष्ठा और मताधिकार का जज्बा आज भी उतना ही अडिग है जितना युवावस्था में था। लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती की एक बेहद सुखद और प्रेरणादायी तस्वीर कठूमर के वार्ड संख्या 14 से सामने आई, जहां 104 वर्ष की एक बुजुर्ग महिला ने तमाम शारीरिक सीमाओं को दरकिनार करते हुए मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
लाठी के सहारे पहुंचीं बूथ, चेहरे पर दिखा गर्व का भाव
मतदान केंद्र पर जब यह वयोवृद्ध महिला अपने परिजनों के सहयोग और लाठी के सहारे पहुंचीं, तो वहां कतार में लगे अन्य मतदाताओं और चुनावी ड्यूटी में तैनात कर्मियों के चेहरे पर सम्मान का भाव उभर आया। उम्र के इस पड़ाव पर सामान्य तौर पर लोग चलने-फिरने में भी असमर्थ हो जाते हैं, लेकिन इस बुजुर्ग मतदाता ने घर पर बैठकर रहने के बजाय स्वयं बूथ तक जाने का निर्णय लिया।
मतदान केंद्र के अंदर जाकर उन्होंने पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपना मत दर्ज कराया। मतदान के बाद जब उनकी अंगुली पर नीली स्याही लगाई गई, तो उनके चेहरे पर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी का संतोष साफ झलक रहा था।
युवाओं और समाज के लिए बना बड़ा संदेश
आज के दौर में जहां अक्सर मौसम, व्यस्तता या दूरी का बहाना बनाकर लोग मतदान से बचते दिखाई देते हैं, वहीं 104 वर्षीय बुजुर्ग महिला की यह भागीदारी उन सभी मतदाताओं के लिए एक बड़ा सबक है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र की जड़ें जनता की सजगता से ही मजबूत होती हैं और प्रत्येक वोट का अपना अमूल्य महत्व होता है।
बूथ पर मौजूद युवाओं ने कहा कि इस उम्र में दादी का मतदान केंद्र आना न सिर्फ समाज को जागरूक करने वाला है, बल्कि यह सीख भी देता है कि नागरिक अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन कितना जरूरी है। प्रशासनिक स्तर पर भी हुई सराहना
मतदान केंद्र पर मौजूद मतदान कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने बुजुर्ग महिला के इस उत्साह और लोकतंत्र के प्रति समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
केंद्र पर उनके सुगम मतदान के लिए विशेष ध्यान रखा गया। मतदान के उपरांत बुजुर्ग महिला ने सभी से निर्भीक होकर और अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की मौन अपील की।
कठूमर की यह तस्वीर दर्शाती है कि भारत के लोकतंत्र की असली ताकत इसी अटूट जन-विश्वास में निहित है, जो पीढ़ियों से लेकर आज तक अनवरत चला आ रहा है।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







