पितृपक्ष मेला 2026की तैयारियों को लेकर माननीय प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक l

*पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को लेकर माननीय प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक*
*श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं बेहतर प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता — प्रभारी मंत्री*
गया, दिनांक 14 सितंबर 2026, पितृपक्ष मेला 2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर माननीय प्रभारी मंत्री, गया जिला-सह-कृषि मंत्री, बिहार सरकार श्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में मेला की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा ज़िला परिषद सभागार में की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा मेला आयोजन से संबंधित विभिन्न विभागों की तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों तथा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी माननीय प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई।
माननीय प्रभारी मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। अतः मेला के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला की सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करते हुए श्रद्धालु-केंद्रित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, आवासन, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को उच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*5 जोन एवं 54 सेक्टर में विभाजित होगा मेला क्षेत्र*
जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर के नेतृत्व में मेला क्षेत्र के प्रभावी प्रबंधन के लिए इसे 5 जोन एवं 54 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन एवं सेक्टर में संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी।
*स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष फोकस*
मेला क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से तीनों पालियों में सफाई कार्य कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 39,500 मानवबल की आवश्यकता के अनुसार एजेंसी के चयन हेतु निविदा प्रकाशित की जा चुकी है। फल्गु नदी की स्वच्छता के लिए Trash Cleaning Boat का उपयोग किया जाएगा।
माननीय प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में कहीं भी गंदगी एवं जलजमाव की स्थिति नहीं रहे तथा श्रद्धालुओं के आवागमन वाले प्रमुख मार्गों, वेदी-स्थलों, घाटों एवं सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
*पेयजल एवं मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था*
जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त एवं सुगम पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है। विभिन्न वेदी/घाट, यात्री आवासन, पुलिस आवासन एवं वाहन पार्किंग स्थलों पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ वॉटर एटीएम एवं वाटर टैंकर की व्यवस्था की जा रही है। मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों पर मरम्मत/नए कार्य तथा पेयजल सुविधाओं की विस्तृत योजना ली गई है। निर्देश दिए हैं कि पानी के गुणवत्ता की निरंतर जांच, लैब के माध्यम से करवाया जाए। इसके अलावा बोतलबन्द पानी का भी जांच व्यवस्था करवाये। किसी भी हाल में डुप्लीकेट पानी सील बोतल नही बेचा जाए, इसके संबंधित विभाग सुनिश्चित करवाये।
स्नानागार, चेंजिंग रूम एवं शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को मेला अवधि में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
*9 तालाबों की सफाई एवं घाटों की व्यवस्था*
मेला क्षेत्र में स्थित 9 तालाबों की विशेष सफाई कराई जा रही है। इसके लिए दो पालियों में सफाई कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। तालाब के अंदर पानी की सफाई के साथ-साथ सीढ़ियों एवं तालाब स्थित वेदी स्थलों की भी सफाई कराई जा रही है।
*प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था को किया जा रहा सुदृढ़*
मेला क्षेत्र को आकर्षक एवं प्रकाशयुक्त बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। सभी प्रमुख पोल पर तीन रंगों की सजावटी (तिरंगा) लाइट लगाने का कार्य किया जा रहा है।
स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट, विद्युत तार, ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य विद्युत संरचनाओं के अनुरक्षण तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है।
*QR आधारित रिस्ट बैंड से बच्चों की सुरक्षा*
पितृपक्ष मेला के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन द्वारा अभिनव व्यवस्था की जा रही है। तीर्थयात्रियों के साथ आने वाले बच्चों को Unique QR Based Wrist Band उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे उनके अभिभावकों के मोबाइल नंबर से लिंक किया जाएगा।
बच्चे के मेला क्षेत्र में गुम होने की स्थिति में QR आधारित रिस्ट बैंड के माध्यम से उसकी पहचान एवं ट्रैकिंग में सहायता मिलेगी, जिससे बच्चे को शीघ्र उसके परिजनों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
*24×7 हेल्पलाइन एवं सहायता केंद्र*
श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र में “May I Help You” काउंटर, CCTV निगरानी एवं 24×7 सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पितृपक्ष मेला हेल्पलाइन नंबर 9266628168 जारी किया गया है।
विभिन्न प्रकार की शिकायतों एवं सहायता के लिए विभागवार पदाधिकारियों की जिम्मेदारी एवं संपर्क व्यवस्था निर्धारित की गई है। यातायात, परिवहन, पेयजल, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य, अग्निशमन, विधि-व्यवस्था तथा अन्य आपातकालीन सहायता के लिए संबंधित पदाधिकारियों से संपर्क की व्यवस्था की गई है।
*भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी*
माननीय प्रभारी मंत्री ने मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मेला क्षेत्र में सार्वजनिक संबोधन प्रणाली, अलग प्रवेश एवं निकास द्वार तथा CCTV की व्यवस्था की जाएगी। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को 24×7 संचालित रखा जाएगा तथा आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
*जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को दिए समन्वित कार्रवाई के निर्देश*
जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों को केवल विभागीय कार्य के रूप में न देखते हुए समग्र एवं समन्वित मेला प्रबंधन के रूप में कार्य करें। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा, स्थल निरीक्षण एवं कमियों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि मेला अवधि में गया आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ, सुविधाजनक एवं बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करते हुए समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूर्ण करें।
बैठक में माननीय प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मेला को व्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल बनाने का निर्देश दिया।
जिला प्रशासन गया द्वारा पितृपक्ष मेला 2026 को श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं।
बैठक में माननीय विधायक वजीरगंज, माननीय विधायक गुरुआ, माननीय विधायक अतरी, माननीय विधायक बेलागंज, नगर निगम के महापौर, नगर परिषद के सभापति, ज़िला अध्यक्ष गण, पितृपक्ष मेला के अवसर पर गठित कोषांगों में नामित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण/ समाजसेवी गण, पंडा पुरोहित गण ने बारी बारी से अपने सुझाव प्रकट किए।
इस अवसर पर पितृपक्ष मेला के सभी कोषांग के वरीय पदाधिकारी गण, नोडल पदाधिकारी गण एवं सहायक गण उपस्थित थे।
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