कांठ क्षेत्र में तेंदुओं के बढ़ते खौफ के बीच प्रशासन-वन विभाग अलर्ट

कांठ क्षेत्र में लगातार सामने आ रही तेंदुओं की मौजूदगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए शुक्रवार को तहसील सभागार कांठ में जागरूकता गोष्ठी एवं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी कांठ स्निग्धा चतुर्वेदी ने की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को तेंदुओं सहित अन्य वन्यजीवों से बचाव के लिए सतर्क रहने और जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया।

बैठक में उपजिलाधिकारी ने कांठ तहसील क्षेत्र के प्रत्येक गांव में दो-दो वन्यजीव मित्र बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों और लेखपालों के माध्यम से ग्रामीणों तक वन्यजीवों से सुरक्षा संबंधी सावधानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लगातार जागरूक किया जाए, ताकि वन्यजीवों की मौजूदगी की स्थिति में लोग घबराने के बजाय आवश्यक सावधानियां बरतें।

वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह एवं वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने तेंदुओं सहित अन्य वन्यजीवों से बचाव के उपायों और बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष रूप से तेंदुओं से सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को बताया गया कि जंगल अथवा खेतों में अकेले जाने से बचें, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें तथा तेंदुए की सूचना मिलने पर भीड़ एकत्र कर उसे घेरने या उसके पीछे जाने से बचें। अधिकारियों ने क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही गांवों के धार्मिक स्थलों से एनाउंसमेंट कराने पर भी विशेष जोर दिया। इसके माध्यम से लोगों को तेंदुए की गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी लगातार उपलब्ध कराने की बात कही गई।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने कांठ तहसील क्षेत्र में पिछले दिनों तेंदुओं द्वारा लोगों पर किए गए हमलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन, वन विभाग और ग्रामीणों को मिलकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि तेंदुआ अथवा कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें और स्वयं जोखिम उठाने से बचें। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और गांव-गांव तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान प्रशासनिक एवं वन विभाग के अधिकारियों सहित ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल एवं क्षेत्र के जागरूक व्यक्ति मौजूद रहे।
Report: Pankaj Kumar, Kanth ✍️
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