रतलाम। शहर के अशोक नगर स्थित मदरसा कमरुल मारिफ में मोहम्मद याह्या रहमानी ने कुरआन शरीफ मुकम्मल कर हाफिज-ए-कुरान बनने का गौरव हासिल किया।
इस उपलब्धि पर परिवार, मदरसा प्रबंधन और मुस्लिम समाज में खुशी का माहौल है। मोहम्मद याह्या रहमानी, वालिद मोहम्मद मोइन अहमद रहमानी के साहबजादे हैं।
कुरआन शरीफ को मुकम्मल याद करने के बाद उनके परिवार और शुभचिंतकों ने खुशी का इजहार करते हुए उन्हें मुबारकबाद और बेहतर भविष्य के लिए दुआएं दीं। इस मौके पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, रतलाम की टीम ने मदरसा कमरुल मारिफ पहुंचकर मोहम्मद याह्या रहमानी का फूलों की माला पहनाकर इस्तकबाल किया।
मंच की ओर से उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा गया कि कुरआन हिफ्ज करना मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का परिणाम है। कार्यक्रम में शाहिद कुरैशी (संभागीय संयोजक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, उज्जैन मध्य प्रदेश), हामिद मंसूरी (जिला संयोजक, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच रतलाम), हामिद खान, एहसान रहमानी, मोइन अहमद रहमानी, सलीम रहमानी, शकील कुरैशी, मुर्तजा कुरैशी और अमन कुरैशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मौजूद लोगों ने मोहम्मद याह्या रहमानी को मुबारकबाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही समाज के अभिभावकों से बच्चों को दीन के साथ दुनियावी शिक्षा दिलाने और उन्हें बेहतर तालीम के अवसर उपलब्ध कराने की अपील की गई।
मदरसा कमरुल मारिफ में हासिल की गई यह उपलब्धि न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए खुशी और सम्मान का अवसर है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने हाफिज-ए-कुरान मोहम्मद याह्या रहमानी के लिए दुआ करते हुए कहा कि अल्लाह तआला उन्हें कुरआन की तालीम पर अमल करने और समाज के लिए मिसाल बनने की तौफीक अता फरमाए।
आमीन।