गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद मकसूद के पिता अब्दुल कुद्दूस ने लखनऊ जेल पहुंचकर उससे मुलाकात की। पिता के मुताबिक, बातचीत के दौरान मकसूद ने बताया कि मोबाइल के जरिए आजमगढ़ के एक युवक से उसका संपर्क हुआ था। बातचीत बढ़ने के बाद वह युवक के संपर्क में रहने लगा। हालांकि, पिता उस युवक का नाम याद नहीं रख सके। परिवार को आशंका है कि इसी संपर्क के बाद मकसूद की गतिविधियों में बदलाव आया।
वहीं, एटीएस की जांच में मकसूद के कथित ऑनलाइन नेटवर्क को लेकर भी जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, मकसूद ने 'कैप्टन एम नेटवर्क' नाम का एक एप तैयार किया था। एजेंसी का दावा है कि उसने इसे यूट्यूब और एआई की मदद से बनाया था और इसके जरिए ऑनलाइन संपर्क बनाए रखे जाते थे।
जांच में उसके मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों से कई चैट और सामग्री मिलने की बात सामने आई है। एजेंसी अब इन संपर्कों और करीब 100 मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है। इनमें विदेशी नंबरों के साथ यूपी और आसपास के राज्यों के नंबर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच का एक अहम सवाल यह है कि मकसूद के ऑनलाइन संपर्क सिर्फ इंटरनेट तक सीमित थे या इनकी कोई स्थानीय कड़ी भी थी। फिलहाल सिद्धार्थनगर के किसी स्थानीय व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है।