C ,S,P, सहित तीन आरोपीयो के गिरफतारी वारंट निरस्त S,IT,निरिक्षक को नोटिस

कटनी। कुठला के चर्चित सीएसपी सौदेबाजी कांड में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जारी वारंट अब निरस्त हो गया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने 18 सितंबर को जारी गिरफ्तारी वारंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर वापस लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसआईटी जबलपुर के निरीक्षक चंद्रकांत झा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वारंट निरस्त होने से आरोपियों के खिलाफ दर्ज मूल प्रकरण खत्म नहीं हुआ है। आदेश केवल 18 सितंबर को जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट से संबंधित है।
मामले की पत्रावली 25 सितंबर को आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश होगी। सीएसपी ने इसी मामले को लेकर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है।
जिस पर आज सुनवाई भी होनी है। सीएसपी कांड से जुड़ा यह मामला हर दिन कोई नया मोड़ लेकर उभर रहा है।
वैसे तो सीएसपी नेहा पच्चीसिया उच्च न्यायालय से राहत की उम्मीद लगाए बैठी हैं लेकिन उनकी इस उम्मीद को लेकर न्यायालय का क्या फैसला आता है यह तो बाद में ही पता चलेगा। जानकारी छिपाने के आधार पर निरस्त किया वारंट
19 सितंबर को अदालत के सामने पूर्व में हुई कार्रवाई का तथ्य रखा गया।
इसके बाद सत्र न्यायालय की पत्रावली देखी गई। इसमें सामने आया कि वारंट जारी करने के आवेदन पहले ही सत्र न्यायालय से खारिज हो चुके थे।
अदालत ने माना कि इन आदेशों की जानकारी दिए बिना वारंट के लिए आवेदन किया गया। सत्र न्यायालय से आवेदन खारिज होने के बाद इस न्यायालय के पास वारंट जारी करने का क्षेत्राधिकार नहीं था।
इसी आधार पर 18 सितंबर को जारी वारंट निरस्त कर दिए गए। ये है मामला
एसआईटी जबलपुर ने 1 सितंबर को सत्र न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आंवेदन दिया था।
सत्र न्यायालय ने 2 सितंबर को इसे खारिज कर दिया। इसके बाद फरियादी की ओर से भी वारंट के लिए आवेदन दिया गया, जिसे 16 सितंबर को सत्र न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
इसके बावजूद एसआईटी की ओर से न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वारंट का आवेदन लगाया गया। इस पर 18 सितंबर को तीनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया।
पदीय दुरुपयोग कर रजिस्ट्री कराने से जुड़ा है केस
कुठला थाने में 19 अगस्त 2026 को अपराध दर्ज हुआ था। मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी आरोपी बनाए गए हैं।
मामला एक जमीन की रजिस्ट्री और पद के कथित दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार ग्राम कन्हवारा की जमीन का सौदा करीब 1.07 करोड़ रुपए में तय होने का आरोप है।
आरोप यह भी है कि बाद में जमीन की रजिस्ट्री करीब 18.20 लाख रुपए में कराई गई। एसआईटी निरीक्षक से जवाब तलब
अदालत ने निरीक्षक चंद्रकांत झा को नोटिस जारी कर पूछा है कि पूर्व की न्यायिक कार्रवाई की जानकारी न्यायालय को नहीं देने के संबंध में उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और उच्च न्यायालय को सूचना क्यों न दी जाए।
अदालत ने वारंट वापस लेने के साथ आदेश की सूचना एसआईटी जबलपुर और कुठला थाने को देने तथा प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश को भी अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। कटनी ब्यूरो चीफ सुरेन्द्र कुमार शर्मा
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