एक अंक के फेर में ₹1.87 लाख की टैक्स डिमांड? नगर पालिका मकरोनिया को सात दिन का नोटिस

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * मकरोनिया नगर पालिका के संपत्ति कर रिकॉर्ड को लेकर एक मामला सामने आया है, जिसमें मनी_सिंह_गुरोन (MSG) के नाम करीब ₹1.87 लाख की टैक्स डिमांड जारी किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। MSG की ओर से अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और संपत्ति कर/राजस्व अधिकारी को रजिस्टर्ड कानूनी नोटिस भेजकर मांग को निरस्त करने, रिकॉर्ड की जांच कराने और आवश्यक सुधार की मांग की है।
नोटिस में नगर_पालिका के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रॉपर्टी आईडी 1003829713 के आधार पर मनी सिंह के नाम वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹1,74,541 और वर्ष 2026-27 तक कुल ₹1,87,479 संपत्ति कर बकाया दर्शाया गया है। नोटिस के मुताबिक, कर जमा नहीं होने पर कुर्की की कार्रवाई और समाचार पत्र में नाम प्रकाशित करने की चेतावनी भी दी गई थी।
इसी प्रक्रिया पर अब संबंधित पक्ष ने कानूनी आपत्ति दर्ज कराई है। मनी सिंह गुरोन की ओर से नोटिस में दावा किया गया है कि जिस संपत्ति पर यह कर मांग दर्शाई गई है, वह उनके नाम पर दर्ज ही नहीं है।
नोटिस के अनुसार संबंधित संपत्ति प्रॉपर्टी आईडी 1003829712 के तहत उनकी माता डॉ. त्रिपत कौर के नाम दर्ज है और इसके लिए 7 मार्च 2026 को ₹40,650 संपत्ति कर जमा किया जा चुका है।
ऐसे में एक ही संपत्ति के संबंध में रिकॉर्ड और कर निर्धारण की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामले में सबसे अहम बिंदु दोनों प्रॉपर्टी आईडी का है।
नोटिस के अनुसार दोनों आईडी 1003829712 और 1003829713 में सिर्फ एक अंक का अंतर है। संबंधित पक्ष का कहना है कि पते भी लगभग समान हैं।
इसी आधार पर नगर पालिका के रिकॉर्ड में संभावित गलत प्रविष्टि, लिपकीय त्रुटि या अन्य रिकॉर्ड संबंधी विसंगति की जांच की मांग की गई है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि नगर पालिका के आधिकारिक जवाब के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कानूनी नोटिस में नगर पालिका को सात दिन का समय देते हुए मनी सिंह के नाम जारी कर मांग को निरस्त करने, रिकॉर्ड दुरुस्त करने और लिखित रूप से इसकी जानकारी देने की मांग की गई है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित विभाग, कलेक्टर और आयुक्त सागर संभाग के समक्ष शिकायत के साथ सक्षम न्यायालय में सिविल एवं आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
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