नशे में मिटरहा आज का युवा

*नशे की मार से कराह रहा बहराइच युवा हो रहे अपंग स्थिति हो रही भयावह*
बहराइच।
नशा केवल एक व्यक्ति की जिंदगी को बर्बाद नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है आज बहराइच के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय बनती जा रही है युवा पीढ़ी का एक हिस्सा नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आकर अपने भविष्य, स्वास्थ्य और परिवार की खुशियों को दांव पर लगा रहा है नशे की शुरुआत अक्सर शौक या दोस्तों के दबाव में होती है धीरे-धीरे यही आदत मजबूरी और फिर लत में बदल जाती है। नशे की गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर होने के साथ-साथ सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों से भी दूर होता जाता है कई परिवारों में घरेलू कलह, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का एक बड़ा कारण नशे की आदत बन रही है।
*युवाओं का भविष्य सबसे बड़ी चिंता*
बहराइच जैसे सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं को नशे से बचाना समाज की बड़ी जिम्मेदारी है। युवा किसी भी राष्ट्र और समाज की ताकत होते हैं। यदि यही युवा नशे की गिरफ्त में चले जाएं तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है जरूरत है कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और गांवों में लगातार नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं अभिभावकों को भी अपने बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए और समस्या सामने आने पर उन्हें डांटने के बजाय उचित सहायता और उपचार की दिशा में ले जाना चाहिए।
*केवल कार्रवाई नहीं, पुनर्वास भी जरूरी मां राजेश्वरी देवी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा बनाया जा रहा है नशा उन्मूलन केंद्र*
नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए मां राजेश्वरी देवी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा बाबागंज में नशा उन्मूलन केंद्र का निर्माण शुरू कर दिया गया है क्योंकि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान देना आवश्यक है। नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को चिकित्सा सहायता, परामर्श और परिवार का सहयोग मिलना चाहिए। समाज को उन्हें अपराधी की तरह देखने के बजाय नशे से बाहर निकलने में मदद करने की मानसिकता विकसित करनी होगी।
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