गोंडा(करनैलगंज): दलदल बना समय थान चौराहा, आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूटा, विधायक के आश्वासन पर टिकी जनता की आस

कर्नलगंज (गोंडा)गोंडा जिले के कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला समय थान चौराहा इन दिनों अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। यह मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह से कीचड़ और गड्ढों के दलदल में तब्दील हो चुका है, जिससे राहगीरों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का निकलना मुहाल हो गया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि स्थानीय जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है।
आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है 'काली सड़क'
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, यह कोई आम रास्ता नहीं बल्कि एक प्रमुख काली सड़क (पक्की सड़क) है। यह मार्ग जरवल रोड, गौरा सिंहपुर, अतरौलिया, टरहाटा, रामगढ़ और नकहरा जैसे कई महत्वपूर्ण गांवों को आपस में जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। रोजाना हजारों की संख्या में इस क्षेत्र के किसान, दुकानदार, ग्रामीण और स्कूली बच्चे इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। लेकिन वर्तमान में सड़क की हालत देखकर यह पहचानना मुश्किल है कि यहाँ कभी पक्की सड़क हुआ करती थी।
प्रधान प्रतिनिधि का प्रयास भी हुआ फेल, डाली गई रबीश
सड़क की इस नारकीय स्थिति पर जब ग्राउंड जीरो से जानकारी ली गई, तो प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि पंचायत स्तर पर रास्ते को चलने लायक बनाने का प्रयास किया गया था। समस्या से फौरी राहत दिलाने के लिए इस मुख्य मार्ग पर रबीश (ईंट का चूरा) और अध्धे ईंट भी डलवाए गए, लेकिन जलभराव और भारी कीचड़ के कारण यह प्रयास पूरी तरह से विफल साबित हुआ और स्थिति जस की तस बनी हुई है। बरसात होते ही पूरी सड़क तालाब का रूप ले लेती है और लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
विधायक अजय सिंह को भेजा गया है प्रस्ताव, बजट का इंतजार
इस गंभीर समस्या को लेकर जब ग्राम प्रधान के भाई दीपू सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सड़क के नव-निर्माण के लिए कर्नलगंज के विधायक अजय सिंह को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जा चुका है। दीपू सिंह के अनुसार, विधायक जी को समस्या से पूरी तरह अवगत करा दिया गया है और उनकी तरफ से आश्वासन मिला है कि बजट पास होते ही और मौसम साफ होते ही इस मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
"हम सिर्फ सवाल नहीं, समाधान चाहते हैं"
विधायक के आश्वासन के बावजूद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि कागजी कार्रवाई और आश्वासनों के बीच उनका रोजाना का सफर सजा बन चुका है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और मरीजों को अस्पताल ले जाने में सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की जनता ने अब जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि बजट और मौसम का बहाना छोड़कर इस महत्वपूर्ण मार्ग का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुधार कराया जाए, ताकि हजारों लोगों का जीवन आसान हो सके।
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