ओवर द काउंटर दवा बिक्री पर रोक: नियम तोड़े तो निरस्त होगा मेडिकल स्टोर का लाइसेंस,कलेक्टर के कड़े निर्देश: नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले में दवाओं की बिक्री, मेडिकल स्टोरों के संचालन और ड्रग लाइसेंस से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए ड्रग इंस्पेक्टरों एवं औषधि प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के 'ओवर द काउंटर' मिलने वाली प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर/केमिस्ट शॉप पर फार्मासिस्ट का मौजूद होना अनिवार्य होगा। यदि एक ही फार्मासिस्ट के नाम का उपयोग करके कई दुकानों पर लाइसेंस लिए गए हैं, तो ऐसे मामलों पर तत्काल प्रभाव से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्टॉकिस्ट से लेकर रिटेल स्तर तक दवाओं के स्टॉक का मिलान औ बैक-ट्रैकिंग की जाएगी।प्रतिबंधित एवं विशेष श्रेणी (Habit-forming / Exceptional Use) की दवाओं को अलग रखा जाए तथा उनकी बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीएमएचओ द्वारा जारी कैलेंडर अनुसार निरीक्षण करें।
एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण के लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का पालन सुनिश्चित किया जाए। दवाओं की बिक्री पंजी की भी रैंडम जांच की जाएगी।
सीएमएचओ कार्यालय द्वारा ड्रग इंस्पेक्टरों के लिए दवाओं के सैंपल लेने का मासिक लक्ष्य तय किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि ड्राइव मोड में कार्य करते हुए ऐसे मेडिकल स्टोर, जो पहले से सील हैं या जहाँ अनियमितताएँ पाई गई हैं, उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
बड़े थोक विक्रेताओं के परिसरों का सिटी मजिस्ट्रेट, सीएमएचओ, ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से दौरा व निरीक्षण किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नियमों की अनदेखी करने वाली दुकानों का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड या कैंसिल कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि संपूर्ण जिले में विभिन्न स्तर पर नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही की जा रही है जहां एक और स्कूल कॉलेज क्षेत्र एक संस्थाओं छात्रावासों में नशे को रोकने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए तो उसे कदम उठाए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर अवैध /आसानी से उपलब्ध हो सकने वाले ऐसी दवाई जिन्हें व्यक्ति एडिक्शन के रूप में लेते हैं, उनकी बिक्री पर भी रोक लगाई जा रही है।
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