जेल मंत्री के निर्देशानुसार जेलो मे बदियो के पुनर्वास और सुधार की नई पहल।

जेल मंत्री के निर्देशानुसार जेलों में बंदियों के पुनर्वास और सुधार की नई पहल, कौशल का दिया जा रहा प्रशिक्षण।
नूंह, 1 अक्टूबर। किसी भी सभ्य समाज का निर्माण उसकी सोच पर निर्भर करता है। प्रदेश के जेल मंत्री अरविंद शर्मा के प्रयासों से प्रदेश की जेलों में बंदियों एवं कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए जेल विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी मुहिम के तहत वीरवार को जिला जेल नूंह में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रीजमस्टार्ट इंडिया फाउंडेशन के निदेशक जैज एवं रोजी चीतल ने जेल के बंदियों को कौशल विकास की जानकारी दी तथा इसके महत्व और भविष्य की जरूरतों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास बंदियों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कौशल सीखकर बंदी जेल से बाहर जाने के बाद समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकते हैं और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से बंदियों को विभिन्न प्रकार के कौशल सिखाने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बंदियों के लिए रोजगार की व्यवस्था करने में भी सहयोग किया जाता है, ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर सकें। जैज एवं रोजी चीतल ने बताया कि वे इंग्लैंड की जेलों में भी कैदियों के पुनर्वास एवं सुधार के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंदियों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना इस मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिला जेल नूंह में चलाई जा रही सुधार एवं पुनर्वास की इस मुहिम को सफल बनाने में जेल अधीक्षक बिमला देवी, उप अधीक्षक सत्यभान एवं हिमांशु चौधरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जेल अधीक्षक बिमला देवी ने कहा कि बंदियों के सुधार एवं पुनर्वास के लिए इस प्रकार की गतिविधियां समाज को सकारात्मक दिशा देने में अहम योगदान देती हैं। उन्होंने कहा कि बंदियों को कौशल प्रशिक्षण एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें भविष्य में सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए तैयार किया जा सकता है।
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