*ग्राम पंचायत बाछीखेड़ा की ग्राम सभा में शामिल हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक*

*ग्राम पंचायत बाछीखेड़ा की ग्राम सभा में शामिल हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक*
वंदे भारत न्यूज जिला ब्यूरो सुरेश परिहार झाबुआ।
*कलेक्टर ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के दिए निर्देश*
*शिक्षा, पेयजल, आजीविका, मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा*
झाबुआ, 02 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के निर्देशानुसार जिले के ग्रामों में 02 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध रूप से ग्राम सभाओं का आयोजन प्रारंभ किया गया। इसी क्रम में ग्राम पंचायत बाछीखेड़ा में आयोजित ग्राम सभा में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट एवं पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर स्थानीय समस्याओं, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
ग्राम सभाओं का आयोजन पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 6, मध्यप्रदेश ग्राम सभा (सम्मिलन की प्रक्रिया) नियम, 2001 तथा मध्यप्रदेश पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, 2022 के प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा है। ग्राम सभाओं में शासन द्वारा निर्धारित नियमित एजेंडे के साथ स्थानीय आवश्यकता से जुड़े विषयों को भी शामिल किया जा रहा है।
*कलेक्टर ने ली मैदानी अमले की जानकारी, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं*
कलेक्टर डॉ. भरसट ने ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों के मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित एजेंडे के अनुसार विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों से उनकी समस्याओं एवं उनके निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों द्वारा जल एवं पेयजल व्यवस्था से संबंधित समिति की बैठक नियमित रूप से नहीं होने, ग्राम सेवक के नियमित रूप से नहीं आने तथा विद्यालय में शिक्षक के कई माह से अनुपस्थित रहने जैसे विषय संज्ञान में लाए गए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन विषयों की वस्तुस्थिति का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विद्यालय में अध्ययनरत 33 बच्चों की शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी लेते हुए बच्चों को निर्धारित मापदंड के अनुसार गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं का सोशल ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्राम में संचालित स्व-सहायता समूहों की जानकारी लेते हुए बताया गया कि वर्तमान में 23 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से अधिक प्रभावी रूप से जोड़ने तथा पात्र महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए।
*पुलिस अधीक्षक ने साइबर सुरक्षा, ऑपरेशन मर्यादा एवं यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक*
पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार ने ग्राम सभा में ग्रामीणों से साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तार से संवाद किया। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्कता बरतने और संदिग्ध कॉल, लिंक एवं संदेशों से सावधान रहने की समझाइश दी। इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन मर्यादा तथा यातायात नियमों के पालन के संबंध में जानकारी देते हुए ग्रामीणों को स्वयं नियमों का पालन करने और परिवार के अन्य सदस्यों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
*ग्राम विकास योजना से लेकर जल संरक्षण और आजीविका तक के विषयों पर चर्चा*
ग्राम सभा में शासन द्वारा निर्धारित एजेंडे के प्रमुख विषयों को रखा गया। इनमें भारत सरकार के जन योजना अभियान ‘सबकी योजना-सबका विकास 2026’ के अंतर्गत ग्राम पंचायत विकास योजना 2027-28 तैयार करने एवं अनुमोदन, ग्राम पंचायत की विकास आवश्यकताओं तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण पर चर्चा की गई।
पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत एकल नल-जल योजनाओं के जल स्रोतों के संरक्षण एवं रखरखाव, जल गुणवत्ता परीक्षण, जल प्रभार निर्धारण एवं वसूली, विद्युत बिलों के समय पर भुगतान तथा अनुपयोगी विद्युत कनेक्शनों को हटाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। पेसा क्षेत्र में सामुदायिक वन संसाधन एवं वनाधिकार से जुड़ी प्रगति तथा 0 से 10 हेक्टेयर तक के तालाबों के संरक्षण, उपयोग एवं प्रबंधन के संबंध में भी ग्राम सभा को जानकारी दी गई।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्व-सहायता समूहों से पात्र परिवारों की महिलाओं को जोड़ने, संभावित लखपति दीदियों के चिन्हांकन, महिला उद्यमिता तथा ग्राम गरीबी न्यूनीकरण योजना को ग्राम पंचायत विकास योजना से जोड़ने के विषय रखे गए। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, वाटरशेड विकास एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा की गई।
*स्वच्छता, आवास, खाद्यान्न एवं स्वास्थ्य योजनाओं की दी जानकारी*
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायत को ODF+ मॉडल बनाए रखने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी ग्राम सभा में रखी गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण एवं निराश्रित आवासों तथा आवास निर्माण में वैकल्पिक तकनीक के उपयोग, खाद्य विभाग की निःशुल्क खाद्यान्न व्यवस्था एवं ‘एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड’, राजस्व विभाग की डिजिटल भू-अभिलेख एवं स्वामित्व योजना तथा जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने एवं योजनाओं के संचालन-संधारण पर चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, योग, व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूकता, नशा मुक्त भारत अभियान, तीन नए आपराधिक कानूनों, सहकारी संस्थाओं में डिजिटल परिवर्तन, विद्यालयों में स्वच्छता एवं स्वच्छ पेयजल, बाल विवाह मुक्त ग्राम, बाल एवं बंधुआ मजदूरी की रोकथाम, पीएम श्रम योगी मानधन योजना, दुग्ध उत्पादन, लखपति गौ-पालक दीदी, मत्स्य पालन के लिए तालाबों के आवंटन तथा सामुदायिक वन संरक्षण जैसे विषयों पर भी संक्षिप्त चर्चा की गई।
इस दौरान ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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