*ग्राम पंचायत केशगवां में लाखों का घोटाला: पूर्व सचिव और पूर्व सरपंच पर 18.63 लाख रुपये के गबन का आरोप, कलेक्टर से शिकायत*

सोनहत (कोरिया)। जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत केशगवां में 15वें वित्त आयोग और विभिन्न निर्माण कार्यों की राशि में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और गबन का मामला सामने आया है। वर्तमान सरपंच शोभित राम एवं पंचायत के पंचों ने जिले के कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर पूर्व पंचायत सचिव श्यामलाल सूर्यवंशी और पूर्व सरपंच मानमती सिंह पर 18 लाख 63 हजार 541 रुपये की फर्जी निकासी व गबन का गंभीर आरोप लगाया है। इसके साथ ही पूरे मामले की बिंदुवार निष्पक्ष जांच कराकर राशि वसूली व दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
बिना काम कराए फर्जी बिलों से राशि आहरण का आरोप
कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों ने बिंदुवार फर्जीवाड़े का ब्योरा दिया है:
* डीएससी (DSC) का दुरुपयोग: आरोप है कि पूर्व सचिव द्वारा 'प्रिया साफ्ट' के नाम पर धोखे से सरपंच का डीएससी लेकर 3 लाख रुपये का फर्जी आहरण किया गया था। जांच में फर्जीवाड़ा प्रमाणित होने के बावजूद बिना राशि वसूली के सचिव को दोबारा बहाल कर दिया गया।
* कागजों में ढोढ़ी व चबूतरा निर्माण: पंचायत में 10 नग ढोढ़ी निर्माण के नाम पर 4 लाख 20 हजार रुपये फर्जी बिल लगाकर निकाल लिए गए, जबकि धरातल पर एक भी नया निर्माण नहीं हुआ। वहीं, 6 नग चबूतरा निर्माण के नाम पर 2 लाख 30 हजार रुपये का आहरण दर्शाया गया, जबकि मौके पर सिर्फ 50 हजार की लागत का एक ही चबूतरा बना है।
* फर्नीचर और शेड निर्माण में हेरफेर: फर्नीचर खरीदी के नाम पर 1 लाख 16 हजार रुपये निकाले गए, जबकि पंचायत भवन में केवल पूर्व की 1 टेबल व 4 कुर्सियां ही मौजूद हैं। इसके अलावा सामुदायिक भवन के सामने विधायक मद से स्वीकृत शेड निर्माण की राशि को भी पंचायत मद से 1 लाख रुपये आहरित दिखाया गया।
* पेयजल व सड़क जीर्णोद्धार में फर्जीवाड़ा: भवनों में रनिंग वाटर के नाम पर 5 लाख 76 हजार 860 रुपये निकाले गए। इसी तरह सड़क जीर्णोद्धार व मुरूम डलवाने के नाम पर बिना कार्य कराए सवा लाख रुपये से अधिक की फर्जी निकासी की गई।
* बैंक पासबुक में गड़बड़ी व झूठा प्रभार: पूर्व सचिव द्वारा प्रभार सौंपते समय खाते में 2 लाख 56 हजार 948 रुपये की बचत राशि बताई गई थी, जबकि पासबुक एंट्री कराने पर खाते में केवल 1 लाख 17 हजार रुपये ही पाए गए।
7 लाख के बकाया भुगतान पर पंचायत ने जताई आपत्ति
शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि पूर्व सचिव द्वारा प्रभार में 15वें वित्त की लगभग 7 लाख रुपये की देनदारी (बकाया भुगतान) दिखाई गई है, जिसे वर्तमान ग्राम पंचायत ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक पूरे गबन की जांच कर शासकीय राशि की वसूली नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह का भुगतान संभव नहीं है।
शिकायत पत्र में अमर सिंह, मंजरी देवी, विजय कुमार, संजू, कमला देवी, करिश्मा, ललिता सिंह, उर्मिला दुबे और प्रेमसागर तिवारी सहित समस्त पंचों के हस्ताक्षर शामिल हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से चेतावनी भरे लहजे में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






