जंतर-मंतर 3.0 की तैयारी, दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देने का दाव

दिल्ली में जंतर-मंतर पर एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन की अनुमति को लेकर हलचल तेज होने की खबर है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी है।
संगठन की ओर से दिल्ली पुलिस को 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन की तारीख तय करने का अल्टीमेटम दिए जाने की बात कही गई है। CJP नेताओं के मुताबिक, उनका उद्देश्य अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सार्वजनिक मंच पर उठाना है।
हालांकि, पुलिस की ओर से अनुमति, निर्धारित तारीख या अल्टीमेटम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि के बिना इन बिंदुओं को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। 12 अक्टूबर 2026 को आशुतोष रांका और सौरव दास पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे।
उन्होंने पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति देने और तारीख निर्धारित करने का अनुरोध किया। समाचार एजेंसी आधारित रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेताओं ने कहा कि पुलिस अपनी सुविधा के अनुसार प्रदर्शन की तारीख और समय तय कर सकती है, लेकिन संगठन अनिश्चितकाल तक निर्णय का इंतजार नहीं करेगा।
CJP नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सवालों को उठाना है। संगठन ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आपत्तियां भी जताई हैं।
इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों से अलग रखकर देखना जरूरी है। पहले के प्रदर्शन और हिरासत का घटनाक्रम
10 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने संगठन के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिया था।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नेताओं ने रिहाई के बाद हिरासत के दौरान अपने मोबाइल फोन लिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए थे। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने हिरासत के संबंध में अपनी कार्रवाई का पक्ष रखा।
इसके बाद 12 अक्टूबर को दोबारा प्रदर्शन की अनुमति मांगने की पहल सामने आई। इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि विवाद का प्रमुख मुद्दा केवल प्रदर्शन की मांग नहीं, बल्कि उसके लिए स्थान, तारीख और प्रशासनिक अनुमति भी है।
अब आगे क्या? 13 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध उपर्युक्त रिपोर्टों में 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद प्रदर्शन की अंतिम तारीख तय होने की पुष्टि नहीं है।
इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि जंतर-मंतर 3.0 निश्चित रूप से शुरू हो गया है या पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। आगे की स्थिति तीन बातों पर निर्भर करेगी:
दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की अनुमति और तारीख पर क्या निर्णय लेती है।
CJP संगठन अपने अगले आंदोलन की घोषणा करता है या नहीं। प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए प्रशासन किन शर्तों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को निर्धारित करता है।
निष्कर्ष: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगकर CJP नेताओं ने दिल्ली पुलिस के सामने अपनी मांग रखी है। संगठन ने 24 घंटे के भीतर जवाब देने की मांग की है, लेकिन अंतिम निर्णय और आगे की रणनीति की पुष्टि संबंधित आधिकारिक बयानों से ही हो सकेगी।
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