सरकारी योजनाओं को ‘दलाली’ का दीमक: ग्रामीण बैंक की भारत भारी शाखा में महिलाओं का उत्पीड़न

अजीत मिश्रा (खोजी)
आजीविका के सपनों पर ‘ग्रामीण बैंक’ का ताला: खाता खोलने और भुगतान के नाम पर एनआरएलएम समूह की महिलाओं का उत्पीड़न
- डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर) स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (भारत भारी शाखा) की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
- एनआरएलएम से जुड़ी दर्जनों महिलाओं का बैंक प्रबंधन पर टालमटोल और अनावश्यक देरी का आरोप
- कमीशनखोरी की शिकायतों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उठी मांग
विशेष संवाददाता | सिद्धार्थनगर / डुमरियागंज
एक तरफ सरकार ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (NRLM) के जरिए ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर जिम्मेदार बैंक कर्मचारी इन सरकारी योजनाओं की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
मामला डुमरियागंज विकास खंड क्षेत्र के भारत भारी स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का है, जहाँ की कार्यप्रणाली को लेकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायत जमुनी पाठक, केसवार, खोरिया शिवबक्स और मिरवापुर की दर्जनों महिलाओं ने बैंक प्रबंधन व कर्मचारियों पर बैंकिंग कार्यों में घोर लापरवाही, टालमटोल और उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
कागजी पचड़ों और फेरों में उलझा महिलाओं का स्वावलंबन
पीड़ित महिलाओं का साफ कहना है कि समूहों के नए खाते खुलवाने हों या समूह के खाते से भुगतान की प्रक्रिया—हर छोटे-बड़े काम के लिए उन्हें बैंक के चक्कर काटने को मजबूर किया जा रहा है। कभी कागजातों में कमी का बहाना बनाया जाता है, तो कभी अधिकारी “बाद में आना” कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
बार-बार बैंक की चौखट नापने के कारण महिलाओं के समय और पैसे की तो बर्बादी हो ही रही है, साथ ही उन्हें भारी मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। जो समय उन्हें अपने रोजगार और परिवार को देना चाहिए, वह बैंक के कॉरिडोर में खड़ा होकर कट रहा है।
कमीशनखोरी के गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय स्तर पर उठ रही शिकायतों में सबसे गंभीर मुद्दा कमीशन मांगने और अनुचित व्यवहार का सामने आ रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि जब तक उनकी अनैतिक मांगों को पूरा न किया जाए या दबाव न बने, तब तक फाइलों को आगे नहीं बढ़ाया जाता।
समूह की महिलाओं ने जिला प्रशासन व बैंक के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि:
- कमीशनखोरी और टालमटोल की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
- दोषी बैंक कर्मचारियों एवं प्रबंधन के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
- एनआरएलएम समूहों के खाते खोलने और भुगतान के लिए विशेष काउंटर/समयसीमा निर्धारित की जाए।
“यदि शासन-प्रशासन ने जल्द ही इस शाखा की कार्यशैली में सुधार नहीं कराया और दोषी कर्मचारियों पर शिकंजा नहीं कसा, तो एनआरएलएम समूह की महिलाएं सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगी।”
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