मां सिद्धिदात्री की आराधना, भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब

महुली, सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_मां दुर्गा के जयकारे, भक्ति की अविरल धारा और सेवा के संकल्प से महुली का कोना-कोना महानवमी पर भक्तिमय हो उठा।
दुद्धी ब्लॉक अंतर्गत महुली क्षेत्र में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में मां सिद्धिदात्री की विधिवत पूजा-अर्चना, हवन और पूर्णाहुति के बाद भव्य भंडारों का आयोजन किया गया। माता रानी के दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
कहीं दोपहर से भंडारे में प्रसाद वितरण शुरू हुआ तो कहीं शाम की आरती के बाद भक्तों को प्रसाद ग्रहण कराया गया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, सामाजिक सद्भाव और सेवाभाव की सुंदर झलक देखने को मिली।
स्टेशन रोड पर पीतरम गौड़ के घर के पास स्थापित महुली के प्रथम दुर्गा पूजा पंडाल में दोपहर तीन बजे से भंडारा प्रारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से प्रसाद ग्रहण किया।
समिति के संरक्षक रामलखन कन्नौजिया, अध्यक्ष त्रिपुरारी सिंह, उपाध्यक्ष हिमांशु चौरसिया, कोषाध्यक्ष नितेश कुमार और सचिव गुलशन गोस्वामी सहित अन्य पदाधिकारियों ने व्यवस्था संभालते हुए भक्तों को प्रसाद वितरित किया। वहीं, स्टेशन रोड महुअरिया में बरगद के पेड़ के पास स्थित सिद्धेश्वर शिव मंदिर परिसर में मां दुर्गा के पूजन और हवन के बाद नवदुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष एवं यजमान लालमणि शर्मा ने अपनी अर्धांगिनी के साथ दोपहर तीन बजे भंडारे का शुभारंभ किया।
समिति के मुख्य संरक्षक एवं ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल, अध्यक्ष लालमणि शर्मा, सेकरार अहमद, दीपक कुमार, गौरी शंकर, भगवानदास कन्नौजिया और प्रकाश चंद प्रजापति सहित अन्य पदाधिकारी श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराते रहे। इसी तरह शनिचर बाजार स्थित शिव मंदिर परिसर के दुर्गा पूजा पंडाल में यजमान नंदलाल गुप्ता ने विधिवत पूजा-अर्चना कराई।
आरती के बाद शाम छह बजे भंडारा शुरू हुआ। समिति के अध्यक्ष उदय शर्मा, उपाध्यक्ष राजू शर्मा, मनोज कुमार भारती, संरक्षक एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, पंकज गोस्वामी, मुलायम यादव और अरुण कुमार गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
तीनों पंडालों में भक्तों की सहभागिता और प्रसाद ग्रहण करने के लिए उमड़ी भीड़ ने महानवमी के उत्सव को विशेष बना दिया। मां सिद्धिदात्री के चरणों में श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
भंडारों के माध्यम से समितियों ने यह संदेश दिया कि धर्म केवल आराधना ही नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और मानवता का मार्ग भी है। माता रानी के जयकारों के बीच महुली में आस्था और सामाजिक एकता का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
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