आगर-मालवा। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से पहल की गई है। जिला पंचायत स्थित उद्यम प्रशिक्षण केंद्र में गुरुवार को स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए सात दिवसीय उद्यम सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.एस. सोलंकी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
*चार विकासखंडों की 40 महिलाएं ले रहीं प्रशिक्षण*
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आगर, बड़ौद, सुसनेर और नलखेड़ा विकासखंड की चयनित 40 महिलाएं भाग ले रही हैं। सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उद्यम सखी के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये महिलाएं अपने-अपने विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका मिशन से जुड़कर कार्य करेंगी। उनकी प्रमुख जिम्मेदारी ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना होगा। इसके तहत वे महिलाओं के ऋण प्रकरण तैयार करवाने में मदद करेंगी, ताकि जरूरतमंद महिलाएं आर्थिक गतिविधियां शुरू कर सकें और अपनी आजीविका को मजबूत बना सकें।
*मानदेय भी मिलेगा*
उद्यम सखियों को उनके कार्य के लिए आजीविका मिशन की ओर से निर्धारित मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। इससे ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान एनआरएलएम के संजीव सक्सेना ने प्रशिक्षण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और प्रशिक्षण के उद्देश्यों की जानकारी दी।