आगर-मालवा। देशी नस्ल की गायों के पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश शासन ने पशुपालकों को प्रोत्साहित करने की पहल की है। गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के तहत आगर-मालवा जिले के दो चयनित वृंदावन ग्रामों—डोंगरगांव और तनोड़िया में आगामी सप्ताह दो दिवसीय दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गायों का चयन कर उनके पशुपालकों को एक लाख रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा।
पशुपालन विभाग के उप संचालक डॉ. महेश जारोलिया ने बताया कि सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डोंगरगांव और आगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तनोड़िया में ग्राम स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित होगी। इस वर्ष प्रतियोगिता में केवल इन दोनों चयनित वृंदावन ग्रामों के भौगोलिक क्षेत्र में निवास करने वाले पशुपालक ही भाग ले सकेंगे। आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 से योजना का विस्तार विकासखंड स्तर पर करने का प्रस्ताव है।
प्रथम पुरस्कार एक लाख, दूसरे स्थान पर 50 हजार रुपये
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाली गायों के पशुपालकों को तीन श्रेणियों में पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य उन्नत भारतीय नस्ल की गायों के पालन को प्रोत्साहित करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
छह लीटर दूध देने वाली गाय के पशुपालक ले सकेंगे भाग
प्रतियोगिता में सभी वर्गों के पशुपालक भाग ले सकते हैं। इसके लिए पशुपालक के पास भारतीय उन्नत अथवा देशी नस्ल की दुधारू गाय होना आवश्यक है, जिसका दैनिक दुग्ध उत्पादन कम से कम छह लीटर हो। पात्र पशुपालकों को निर्धारित आवेदन पत्र में अपनी गाय का पंजीयन कराना होगा।
27 अक्टूबर अंतिम तिथि, पशुपालकों से पंजीयन की अपील
योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। जिला प्रशासन ने ग्राम डोंगरगांव और तनोड़िया के पात्र पशुपालकों से समय सीमा में पंजीयन कराने तथा योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है।