पीथमपुर में सड़क हादसों का कहर, चार दिन में छठी मौत से उठे गंभीर सवाल

राऊ-पीथमपुर रोड पर बाइक सवार अंकित श्रीवास्तव की मौत, साथी गंभीर; बचाव समिति अध्यक्ष डॉ. हेमंत हिरोले ने मौके पर पहुंचकर किया बचाने का प्रयास
धार ( सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड)/पीथमपुर।
औद्योगिक नगरी पीथमपुर में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चार दिनों में छठी मौत के सामने आने के बाद सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ताजा हादसा सेक्टर-1 थाना क्षेत्र के राऊ-पीथमपुर रोड पर हुआ, जहां बाइक सवार अंकित श्रीवास्तव की मौत हो गई, जबकि उनका साथी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही पीथमपुर बचाव समिति के अध्यक्ष डॉ.
हेमंत कुमार हिरोले अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घायल को सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन अंकित श्रीवास्तव को नहीं बचाया जा सका।
घायल साथी का उपचार जारी है। सड़क, गड्ढे और भारी वाहनों के दबाव पर सवाल
पीथमपुर में महू-नीमच रोड, बायपास, राऊ रोड, महू-धार मार्ग तथा इंदौर-पीथमपुर-धार मार्ग पर भारी यातायात रहता है।
कई स्थानों पर सड़क की खराब स्थिति और गड्ढों को लेकर वाहन चालकों में नाराजगी है। ऐसे में लगातार हो रहे हादसों के बीच सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग तेज हो गई है।
हालांकि किसी हादसे का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दुर्घटना संभावित स्थानों का सुरक्षा ऑडिट कराना जरूरी है। सीसी पावर चौराहे पर विशेष निगरानी की मांग
स्थानीय लोगों द्वारा सीसी पावर चौराहे पर विशेष पुलिस निगरानी, सिग्नल व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग और जरूरत के अनुसार भारी वाहनों के डायवर्जन की मांग की जा रही है।
साथ ही सड़क के गड्ढों की मरम्मत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, रोड साइन और ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी उठ रही है। जिम्मेदारों से अब ठोस कार्रवाई की अपेक्षा
लगातार हादसों के बाद अब सवाल केवल सड़क की हालत का नहीं, बल्कि यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के समग्र इंतजामों का है।
जिला प्रशासन, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित सड़क एजेंसियों को संयुक्त रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत है। एक हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की जान नहीं लेता, बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी बदल देता है।
पीथमपुर में लगातार हो रही मौतों के बीच अब जरूरत हादसे के बाद कार्रवाई की नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की है। फोटो कैप्शन:
पीथमपुर बचाव समिति के अध्यक्ष डॉ.
हेमंत कुमार हिरोले—हादसे की सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घायल को बचाने का किया प्रयास
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