दीपावली से पहले खरीदारी का महामुहूर्त -रवि पुष्य योग

वर्ष का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। हिंदू धार्मिक परंपरा का यह रोशनी का पर्व दीपावली पूरे भारत में बड़े ही उत्साह, उमंग के साथ मनाया जाता है।
दीपावली से पहले लोग अपने घरों की साफ-सफाई कर, घरों को सुंदर तरीकों से सजाते हैं, रंग बिरंगी विद्युत बल्बों, से घर को रोशन करतें हैं। दीपावली पर लोग खरीददारी भी करतें हैं, इसके लिए शुभ मूहुर्त भी देखा जाता है।
रवि पुष्य योग को ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण शुभ योग माना जाता है।.पुष्य एक शुभ नक्षत्र है,जब रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र होता है, तब यह अत्यंत ही शुभ रवि पुष्य योग भी बन जाता है, और इस योग में नये कार्य करना, नये सामानों की ख़रीदारी करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र अनुसार नये सामानों के साथ देवी महालक्षमी जी भी घर पर पधारतीं हैं, और दीर्घकाल तक घर में निवास करतीं हैं।
रवि पुष्य योग के दिन नया वाहन, स्वर्ण , आभूषण, घरेलू सामानों की खरीदारी आति उत्तम माना जाता है। रवि पुष्य योग पर.कोई भी नया कार्य प्रारंभ किया जा सकता है।ऐसा माना जाता है कि रविवार पुष्य योग पर शुभारंभ किए गए कार्य अवश्य ही सहजता से पूर्ण होतें हैं,और इनका सकरात्मक परिणाम भी मिलता है।
एक साल में दो या अधिक बार भी ऐसे शुभ मुहूर्त बनतें हैं।इस बार दीपावली के पूर्व रविवार पुष्य योग = 01 नवंबर 2026, रविवार सुबह 05:39बजे से लेकर 02 नवंबर 2026,सोमवार सुबह 04:30 बजे तक चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में रहेगा, रविवार का दिन होने से यह रवि पुष्य योग बन रहा है। 01 नवंबर 2026, सुबह 06:32 बजे से लेकर 02 नवंबर 2026, सोमवार सुबह 04:30 बजे तक।
पुष्य नक्षत्र = 01 नवंबर रविवार 2026 सुबह 05:39 बजे से लेकर 02 नवंबर 2026 सोमवार सुबह 04:30 बजे तक। रविवार पुष्य योग= 01 नवंबर रविवार 2026 सुबह 06:32 बजे से लेकर 02 नवंबर सोमवार सुबह 04:30 बजे तक रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र में कुल सत्ताईस नक्षत्र बतलाए गए हैं,इन्ही में से एक पुष्य नक्षत्र है, पुष्य नक्षत्र को स्थिरता, समृद्धि, शुभता का प्रतीक भी माना जाता है। लोग पुष्य नक्षत्र में पूजा-पाठ भी किया करतें हैं,माना जाता है कि इस समय पर की गई पूजा-पाठ से मनोकामनाएं शीघ्र ही पूर्ण होतीं हैं।
हमारे हिंदू धर्म शास्त्र में सूर्य को रविवार का स्वामी माना जाता है, सूर्यदेव प्रतिष्ठा, मान सम्मान, आत्मविश्वास का कारक ग्रह भी माना जाता है, और पुष्य नक्षत्र को स्थिरता, समृद्धि, शुभता का प्रतीक। और यही वजह है कि रवि पुष्य योग में शुरू किए गए कार्य शुभदायक, प्रसिद्धि, मान सम्मान देने वाले होतें हैं।रवि पुष्य योग पर स्वर्ण, आभूषण, घरेलू सामान, रत्न, नये वाहन, मकान, दुकान शुरू करना, टीवी, फ्रीज, मोबाईल आदि की खरीदना, महालक्ष्मी, श्री गणेश, तथा अन्य देवी देवताओं की मूर्ति खरीदना, धार्मिक ग्रंथ, शिवलिंग, दीपक, पूजन सामग्री, तथा व्यापारिक बही खाते, व्यवसाय के लिए जरूरी सामान खरीदना शुभ होता है ।
रवि पुष्य योग, रविवार 01 नवंबर को कार्तिक मास कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि भी है।सप्तमी तिथि पर सूर्यदेव की विशेष पूजा आराधना की परंपरा भी रही है। रवि पुष्य योग का शुभ समय व्यवसाय, शिक्षा, निवेश करने के लिए ,नौकरी, स्वास्थ्य, आध्यात्मिक साधना आदि के लिए सफलता,प्रगति, उन्नति के लिए एक वरदान भी माना जाता है।
रवि पुष्य योग का महत्व इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इसमें पुष्य नक्षत्र और रविवार की ऊर्जा एक साथ मिल रही है।। ऐसे ही अन्य जानकारियों और खबरों के लिए देखते रहिए, आज के दौर का डिजिटल न्युज चैनल =Vandebharatlivetvnews.com, और डिजिटल न्युज पेपर= Samridhhbaratnews.com ।।
दीपावली के पावन अवसर खूब सारा अच्छा-अच्छा सामान खरीद कर घर लाएं, बहुत उमंग, उत्साह पूर्वक दीपावली मनाएं, रोशनी ,दीपों का यह पर्व दीपावली आप सभी के लिए शुभ, मंगलदायक, समृद्धीकारक हो। शुभ दीपावली।
। ।।धन्यवाद।।
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