सिंगरौली: भ्रामक विज्ञापनों के जरिए छात्रों को गुमराह करने वाली कोचिंग संस्थाओं पर होगी कार्रवाई.
कलेक्टर अंकित अस्थाना ने जिला शिक्षा अधिकारी को बनाया नोडल अधिकारी।
कोचिंग संस्थाओं के विज्ञापनों की होगी जांच, गाइडलाइन के उल्लंघन पर की जाएगी आवश्यक कार्रवाई
सिंगरौली: । जिले में संचालित कोचिंग संस्थाओं द्वारा समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं वेबसाइटों के माध्यम से प्रकाशित किए जाने वाले भ्रामक एवं लुभावने विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए गए हैं। कलेक्टर श्री अंकित अस्थाना ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, सिंगरौली को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग, नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, विभिन्न कोचिंग संस्थाओं द्वारा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से आकर्षक एवं भ्रामक विज्ञापनों का प्रकाशन किया जाता है। ऐसे विज्ञापन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के तहत भ्रामक विज्ञापन तथा धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आते हैं।
कोचिंग संस्थाओं की ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री अस्थाना ने जिला शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देशित किया है कि वे CCPA द्वारा जारी गाइडलाइन में उल्लेखित बिंदुओं के आधार पर जिले में संचालित कोचिंग संस्थाओं के विज्ञापनों एवं गतिविधियों की जांच करें तथा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।