
टीएलएम से बच्चों की सीखने की गति और समझने की क्षमता दोनों में सुधार होगा – शाइस्ता परवीन

गडहनी। प्रखण्ड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय बराप सहंगी मे प्रधानाध्यापिका शाइस्ता परवीन के नेतृत्व मे विभागीय निदेशालोक में टीएलएम 2.0 मेला का आयोजन किया गया।
जिसमें संकुल अंतर्गत सभी विद्यालयों के शिक्षकों ने कक्षा 1-5 तक के छात्र छात्राओं से संबंधित टीएलएम का निर्माण कर इस मेला मे अपनी गरीमामयी सहभागिता निभाई।वहीं प्रधानाध्यापिका ने बताया कि छात्रों की साझेदारी ने टीएलएम 2.0 मेला कार्यक्रम को और खास बनाया है।
इसमें सबसे पहले न केवल शिक्षा में सुधार हो रहा है, बल्कि यह राज्य के अन्य आश्रवों के लिए भी एक प्रेरणा बन रहा है।भोजपुर जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा को और अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाने के लिए स्कूल कॉम्प्लेक्स मेमोरियल मेला 2.0 का आयोजन किया जा रहा है।
शिक्षक अपने-अपने बनाए गए टीचिंग इस मेले में लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) के साथ भाग ले रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य है कि बच्चों को कम लागत में सामग्री जुटाकर हिंदी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण से संबंधित विषयों को सरल और मनोरंजक तरीकों से सिखाया जाए।जिला शिक्षा विभाग के इस शुरूआती दो बड़े फायदे हैं।
पहली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य पूरा करना और दूसरा बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई का अनुभव देना। टीएलएम मटेरियल के माध्यम से शिक्षक नई-नई विधियां अपनाकर बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। इन बच्चों की पढ़ाई न केवल आसान हो रही है, बल्कि उनकी रुचि भी बढ़ती जा रही है।
रियलिटी टीएलएम मेला एक ऐसा मंच है, जहां शिक्षक अपने द्वारा बनाए गए शिक्षण सामग्री को चित्रित करते हैं। इनमें चार्ट, मॉडल, फ्लैश कार्ड, गेम और इंटरैक्टिव टीएलएम उपकरण के जरिए बच्चे गहराई से विषय को समझते हैं। अंधविश्वास के ऊपर अपना टीएलएम प्रस्तुत कर तथा संगीत के माध्यम से उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिए।
इस कार्यक्रम से बच्चों के बीच खेल-खेल में पढ़ने की लालसा जागृत होगी।जिला शिक्षा विभाग का कहना है कि इस पहल से शिक्षक-छात्रों के बीच संवाद बेहतर होगा और पढ़ाई का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो जायेगा। कक्षा में इन विद्यार्थियों के नियमित उपयोग से बच्चों की सीखने की गति और समझने की क्षमता दोनों में सुधार होगा।





