
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई पेपर, छत्तीसगढ, शनिवार 25 अक्टूबर 2025-:
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प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ राज्य में आने वाले शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्राइमरी स्कूलों में कक्षा तीसरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के विषयों एक बार फिर से सहायक वाचन पुस्तक को शामिल किया जायेगा। छत्तीसगढ प्रदेश सरकार के आदेश पर सहायक वाचन पुस्तक लेखन का काम नवंबर 2025 से शुरू होने वाला है। इस वर्ष के शैक्षणिक सत्र के अंत तक पुस्तक लेखन कार्य पूरा भी कर लिया जायेगा। जानकारी के अनुसार सहायक वाचन पुस्तक लेखन के लिए सभी जिलों से इससे संबंधित पाठ्य सामग्री भी मंगाई जा रही है। जानकारी के अनुसार यह कार्य छत्तीसगढ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद करेगी। इसकी तैयारी भी जोर शोर से की जा रही है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद के संयुक्त संचालक शिक्षा किशोर कुमार जी ने प्रदेश के डाइट प्राचार्यों से सहायक वाचन पुस्तक लेखन से संबंधित जानकारी मंगाई है। एनसीईआरटी ने मांगी है जिले से संबंधित यह जानकारियां-: जिलों के स्थानीय निवासी, उनके रहन सहन खान-पान, रीति रिवाज, विवाह परंपरा , तीज त्योहार, परंपराएं, स्थानीय लोक संस्कृति जैसे कि नृत्य गीत वाद्य यंत्र, नाट्य शैली, चिकित्सा पद्धति आदि। जिले की विशेषताएं, पुरातत्व स्मारक एवं उनका इतिहास, कृषि फसलें, वनस्पतियां और उनके औषधीय गुण, वर्तमान तथा विलुप्त खनिज सम्पदा, शहरों का इतिहास, बहने वाली नदियां और उनकी उत्पति गमन स्थल, पर्यटन स्थल, संस्कृति, सांस्कृतिक धरोहर, भौगोलिक परिवेश, वन सम्पदा, पाए जाने वाले विशेष जीव जन्तु पक्षियों का विचरण, क्षेत्रों की विशिष्ट रचना और कुछ अनोखी बातें । क्रांतिकारी शहीदों महापुरुषों की गौरवशाली जीवन गाथा ।। छत्तीसगढ की ऐसी विशेषताएं और योगदान जो कि भारतीय ज्ञान परंपराओं की पुष्टि भी करते हैं, उनके विषय में वर्णन, आदिवासी संस्कृति से शहरीकरण एवं आधुनिकता के कारण मूल तत्व धीरे धीरे विलुप्त होने लगी है, आदि पर चर्चा और उन्हें जीवित रखने की आवश्यकता आदि ।।



