
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई समाचार पत्र,
छत्तीसगढ, सोमवार 15 दिसंबर 2025
============> प्राप्त हुई जानकारी प्राप्त के अनुसार छत्तीसगढ प्रदेश में अब से जमीन का डायवर्सन कार्य घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा डायवर्सन कार्य के लिए प्रदेश के लोगों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभीतक कृषि भूमि को आवासीय या आवासीय भूमि को कॉमर्शियल भूमि में कराने के लिए लगभग दो से लेकर तीन सप्ताह तक का समय लगता रहा है, परन्तु अब इस कार्य के लिए आदेश 15 दिनों तक ही हो सकता है। डायवर्सन कार्य ऑनलाइन होने से पटवारियों या आरआई के पीछे घूमने की जरूरत नहीं होगी। छग प्रदेश सरकार के द्वारा जमीन के मामले में नागरिकों को बहुत राहत दी गई है। जानकारी के अनुसार ऑनलाइन होने से डायवर्सन के लिए अब सक्षम अधिकारी की अनुज्ञा की भी आवश्यकता नही पड़ेगी। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ प्रदेश राजस्व विभाग ने इस आदेश की अधिसूचना भी राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। प्राप्त जानकारी अनुसार राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार नगर निगम एवं नगर पालिका की सीमा , नगर निगम और नगर पालिका की बाहरी सीमा से 05 किमी• का क्षेत्र, और नगर पंचायत क्षेत्रों के लिए नगर पंचायत की बाहरी सीमाओं से करीब दो किमी• के क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जमीन जमीन डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा की आवश्यकता नहीं होगी। जानकारी अनुसार सक्षम प्राधिकारी की ओर से ही ऐसी ही जमीनों का पुनर्निर्धारण कर दिया जायेगा। छत्तीसगढ प्रदेश सरकार का यह भी दावा है कि इस नई ऑनलाइन प्रक्रिया से डायवर्सन का यह कार्य पूरी तरह से पारदर्शिता पूर्वक किया जायेगा। डायवर्सन के प्रत्येक आवेदन में समयसीमा लॉक हो जायेगी।
-: इस नये डायवर्सन प्रणाली से जमीन का का डायवर्सन कराने के लिए भूमि स्वामी को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देना होगा। डायवर्सन आवेदन के साथ क्षेत्र के अनुसार तय भू राजस्व और प्रीमियम दर मतलब कि डायवर्सन की फीस का ऑनलाइन भुगतान भी करना होगा। डायवर्सन के लिए दिए जाने वाला यह आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम कार्यालय में ऑनलाइन माध्यम से पहुंचेगा। जानकारी अनुसार यहां तक की प्रक्रिया के लिए कोई भी मैनयुअल नहीं होगा। इस डायवर्सन नियमानुसार संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को 15 कार्यदिवसों के अंदर डायवर्सन के लिए आदेश जारी करना जरूरी रहेगा। यदि तय समयसीमा में एसडीएम के द्वारा आदेश जारी नहीं किया जाता है तो फिर 16 वें दिन।ऑटोमोटिक तरीके से डायवर्सन आदेश जारी हो जायेगा, और आवेदनकर्ता का यह डायवर्सन आदेश ऑटोमोटिक ही स्वीकार भी हो जायेगा। प्राप्त जानकारी अनुसार नये डायवर्सन तरीके के लिए प्रीमियम की दरें भी तय की गई हैं।।अधिसूचना अनुसार लगभग तीन रूपय प्रति वर्गमीटर से पच्चीस रूपय प्रति वर्गमीटर तक की दरें रहेंगी। जानकारी अनुसार यह दरें नगर निगम, नगरपालिका, नगरपंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग अलग रहेंगी।।जानकारी अनुसार शहर में आवासीय कॉलोनी परियोजना, वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग, सार्वजनिक, संस्थागत, चिकित्सा, एवं विशेष आर्थिक क्षेत्र के अनुसार भी अलग अलग प्रीमियम दरें लागू होंगी।।संबंधित क्षेत्र के कीमत अनुसार ही प्रति वर्गमीटर की दरें भी तय होंगी। डायवर्सन के इस नये नियम के आने के बाद कोई भी जमीन दलाल, कॉलोनी वाले या फिर कॉलोनाइजर डायवर्सन के लिए अतिरिक्त रकम की मांग नहीं कर सकेंगे। अब सबकुछ ऑनलाइन माध्यम से होने पर लोगो को इस कार्य के लिए किसी को भी अतिरिक्त रकम देने जरूरत भी नहीं पड़ेगी।।सरकार द्वारा जो प्रीमियम दरें तय होंगी उसी के अनुसार ही ऑनलाइन भुगतान करना होगा।।












