

मैनपुरी में अश्लील वीडियो वायरलिंग कांड ने मचाई सनसनी: शुभम गुप्ता के 130 से अधिक वीडियो वायरल करने वाले नीरज गुप्ता गिरफ्तार, पर वीडियो बनाने वाले भाजपा से जुड़े होने के कारण बच गए!
मैनपुरी, उत्तर प्रदेश: जिले में एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने न केवल आम जनता को हिला कर रख दिया है बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शुभम गुप्ता नामक युवक के 130 से अधिक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इस मामले में वायरल करने वाले नीरज गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन वीडियो बनाने वाले के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि वह भाजपा से जुड़ा बताया जा रहा है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
मामला तब प्रकाश में आया जब शुभम गुप्ता के अश्लील वीडियो अचानक सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इन वीडियो में शुभम की निजी जिंदगी से जुड़े कई संवेदनशील और अश्लील क्लिप शामिल थीं। वीडियो वायरल होने से शुभम की प्रतिष्ठा पर गहरा आघात लगा, साथ ही उसके परिवार का भी मनोबल टूट गया।
वायरल वीडियो को लेकर शुभम ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद वायरल करने वाले नीरज गुप्ता की गिरफ्तारी हुई। लेकिन वीडियो बनाने वाले की गिरफ्तारी नहीं हो पाई क्योंकि वह कथित तौर पर भाजपा के प्रभावशाली कनेक्शन वाला बताया जा रहा है।
स्थानीय जनता और पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश
यह पूरा मामला मैनपुरी में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। आम लोग और शुभम का परिवार इस दहेजिया माफिया और राजनीतिक संरक्षण के चलते अपराधी के बचाव की निंदा कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि उनके साथ न्याय नहीं हो रहा और कानून दोहरे मापदंड से चल रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए। जब वायरल करने वाले को पकड़ लिया जाता है तो बनाने वाले को क्यों छोड़ा जा रहा है? यह राजनीति की वजह से हो रहा है।”
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
मामले में पुलिस की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने वायरल करने वाले को गिरफ्तार जरूर किया, लेकिन वीडियो बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई में क्यों लापरवाही बरती जा रही है, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने मीडिया को बताया कि मामले की पूरी जांच चल रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की राजनीतिक संरक्षण पुलिस को प्रभावित नहीं कर सकता।
कानून व्यवस्था में राजनीतिक संरक्षण का प्रभाव?
इस घटना ने एक बार फिर से राजनीतिक संरक्षण के कारण कानून व्यवस्था में खामियों को उजागर कर दिया है। मैनपुरी के कई लोगों का मानना है कि यदि राजनीतिक दबाव न होता तो वीडियो बनाने वाले को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाता।
इस संदर्भ में ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ कहावत की याद ताजा हो गई है, जहां अपराध और संरक्षण का यह गठजोड़ कानून व्यवस्था को कमजोर करता है और आम जनता का विश्वास प्रशासन से उठता है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले में नया मोड़ आएगा और वीडियो बनाने वाले की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री फैलाने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
कहानी ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ की तरह
स्थानीय जनता इस पूरे मामले को ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ की कहावत से जोड़कर देख रही है, जहां कानून व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है और राजनीतिक संरक्षण के चलते अपराधी बचते हैं।
समाज और प्रशासन से अपील
यह मामला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि तकनीक और सोशल मीडिया के युग में व्यक्तिगत गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए हमें कैसे कदम उठाने होंगे। साथ ही प्रशासन और पुलिस से भी अपेक्षा है कि वे बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करें।
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