
निवाड़ी,भोपाल।
मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन श्री अनुराग जैन ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अत्याचार पीड़ितों को राहत राशि का वितरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत राशि भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा नहीं आनी चाहिए।
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अवैध खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश से खनिज माफियाओं को समाप्त किया जाए।
लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसका सभी जिलों में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने पराली जलाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
जिला स्तर से कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री रोहन सक्सेना सहित अन्य अधिकारियों ने एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में सहभागिता की।






