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पुवायां के लाल उत्कर्ष पाण्डेय का सहायक वैज्ञानिक पद पर चयन

शाहजहांपुर।होनहार बिरवान के होत चिकने पात, इस कहावत को पुवायां के जेवां गांव के उत्कर्ष पाण्डेय ने चरितार्थ कर दिया। उत्कर्ष ने अपनी मेहनत के बलबूते पर रिसर्च एसोसिएट के पद की सफलता हासिल की। इससे परिवार में खुशी का माहौल है।

 तहसील पुवायां के जेबा निवासी चंद्रप्रकाश पांडे और विभा पांडे के पुत्र उत्कर्ष पांडे का रिसर्च एसोसिएट के पद पर चयन हुआ है। उत्कर्ष पांडे ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता, ताऊ नाना–नानी और पारिवारिक सदस्यों को दिया है।

उत्कर्ष के पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि उनके बेटे का रिसर्च एसोसिएट में चयन होने पर न सिर्फ परिवार का मान बढ़ाया है बल्कि जिले का भी नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि उत्कर्ष बचपन से ही मेधावी छात्र रहा है।उत्कर्ष के रिसर्च एसोसिएट के पद पर चयन की खबर जब उन्हें मिली तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा।

*जानिए उत्कर्ष ने कहां से की शिक्षा*

उत्कर्ष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ननिहाल में रहकर मरेना गांव में पूरी की।उत्कर्ष पाण्डेय ने 10वीं के बाद ही अपना लक्ष्य तय कर लिया था। वे शुरू से ही काफी मेहनती और मेधावी छात्र रहे हैं। पुवायां इंटर कालेज से इंटर पास करने के बाद उन्होंने जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर से बीएससी किया।भौतिक विज्ञान से एमएससी करने के बाद हिंदू कॉलेज मुरादाबाद से भौतिक विज्ञान विषय से एमएससी की डिग्री हासिल कर बीएचयू आईआईटी में दाखिला लिया और एमटेक करने के बाद पीएचडी की। पीएचडी के बाद उत्कर्ष का सहायक वैज्ञानिक के पद पर चयन हो गया है।

*जीवन मेे कभी भी हार नहीं माने*

जीवन में असफलता से हार नहीं मानना चाहिए, असफलता से हमे सफलता हासिल करने का लक्ष्य मिल जाता है, इसलिए हमें हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए, सफलता एक ना एक दिन मिल ही जाती हैं, सफलता का एक ही मूल मंत्र हैं अनवरत रूप से मेहनत और प्रयास करते रहना चाहिए। मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

*सफलता के दिए टिप्स*

उत्कर्ष ने बताया कि तैयारी में किसी तरह का खलल ना हो इसके लिए वह रात को चार घंटे और सुबह को चार घंटे पढ़ाई करते थे। सोशल मीडिया से भी दूरी बना रखी थी। परीक्षा परिणाम आने पर मेहनत की नई इबारत लिख दी है।

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