


जावरा—-संगठन सृजन अभियान के तहत रतलाम जिले में पदाधिकारियों के लिए रायशुमारी करने गत दिनों जावरा पहुंचे कांग्रेस पर्यवेक्षकों के समक्ष महिला कांग्रेस नेत्री फरजाना खान ने भी रतलाम ग्रामीण जिलाध्यक्ष पद हेतु अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि वे मौजूदा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में सचिव पद की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है। लेकिन जिले में खेमेबाजी के कारण लगातार कांग्रेस की बिगड़ती दशा को देखते हुए उन्होंने रतलाम ग्रामीण जिलाध्यक्ष पद की जवाबदेही संभालने हेतु दावेदारी प्रस्तुत की है। जबकि पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर कड़पा गुट ने सैलाना के हर्षविजय सिंह गहलोत के समर्थन में अपनी राय लिखित में प्रस्तुत की। बताया जाता है कि कागज पर कड़पा गुट से जुड़े कुछ पार्षदों, कार्यकर्ताओं के नाम लिखकर पर्यवेक्षकों को दिए गए। जिसमें ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद के लिए हर्षविजय सिंह गहलोत को अपनी पहली पसंद बताया गया। रतलाम ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष के चयन के मामले में श्रीमती खान का पलडा क्यों भारी है ? इस सवाल का जवाब यह है कि फरजाना खान माइनॉरिटी के साथ ही महिला वर्ग से जुड़ी होकर इस पद की सशक्त दावेदार है। पार्टी की गाइड लाइन के मुताबिक महिला व माइनॉरिटी को प्राथमिकता देना है। इस लिहाज से वे जिलाध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। वैसे भी इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि कांग्रेस की रही है। आपके वालिद सा मरहूम शमशुर्रहमान उर्फ कल्लू पठान सा और भाई मरहूम फजलेहक पठान सा कांग्रेस के सक्रिय और जवाबदार पदाधिकारी होकर हमेशा गरीबों, जरूरतमन्दों के मददगार रहे। वे मुश्किल हालातों में भी पार्टी के लिए समर्पित रहे। मरहुम फजलेहक पठान सा की दरियादिली की मिसाल देखिए कि उन्होंने पूर्व नपाध्यक्ष यूसुफ कड़पा को एक बार 6 माह के लिए नपाध्यक्ष पद के लिए नॉमीनेट कराया। वहीं दूसरी मर्तबा जावरा नपाध्यक्ष पद का टिकिट दिलाया। बावजूद इसके उन्होंने रायशुमारी में फरजाना खान के नाम पर सहमति जताने के गहलोत के गुण गाए|Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur.









