
सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड धार (सीधी)
जिले के विकासखंड रामपुर नैकिन अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय शंकरपुर से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक संस्था प्रभारी की दबंगई और गुंडागर्दी ने स्कूल को विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है। ताज़ा घटनाक्रम में विद्यालय के प्रभारी शिक्षक शिव प्रसाद साकेत पर एक मीडियाकर्मी को बंधक बनाने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं।
सवाल पूछने पर भड़के शिक्षक, बनाया बंधक
मिली जानकारी के अनुसार, मीडियाकर्मी तेज बहादुर सिंह जब विद्यालय पहुंचे, तो उन्होंने स्कूल समय के दौरान बच्चों को बाहर सड़क पर घूमते देखा। जब उन्होंने इस संबंध में संस्था प्रभारी शिव प्रसाद साकेत से सवाल किया, तो प्रभारी शिक्षक अपना आपा खो बैठे। शिक्षक ने न केवल तीखे लहजे में आदेश की मांग की, बल्कि मीडियाकर्मी को कार्यालय के अंदर बुलाकर दरवाजा बंद कर दिया।
हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी
पीड़ित मीडियाकर्मी का आरोप है कि बंद कमरे के अंदर शिक्षक ने उन्हें खुलेआम ‘हरिजन एक्ट’ (SC-ST Act) के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। शिक्षा के मंदिर में जहाँ बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए, वहां शिक्षक द्वारा दी गई इस तरह की धमकी ने पूरे महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद खुला दरवाजा
हालात बिगड़ते देख मीडियाकर्मी ने कार्यालय के अंदर से ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पवन सिंह, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) अवध शरण पांडे और संकुल प्राचार्य नागेंद्र कुमार पांडे को फोन पर घटना की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और सूचना मिलने के बाद ही शिक्षक ने कमरे का दरवाजा खोला।
लापरवाही का पुराना इतिहास
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभारी शिक्षक अक्सर विद्यालय से नदारद रहते हैं और उनका व्यवहार हमेशा विवादित रहा है। गौरतलब है कि पूर्व में भी मीडियाकर्मियों से अभद्रता के मामले में उन्हें ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया जा चुका है। ताजा जानकारी के मुताबिक, बीते 17 जनवरी 2026 को जब शिक्षा विभाग की टीम जांच के लिए स्कूल पहुंची थी, तब भी प्रभारी शिक्षक अनुपस्थित थे, जबकि उनकी ऑनलाइन हाजिरी दर्ज पाई गई थी।
गंभीर सवाल: क्या होगी कार्रवाई?
इस घटना ने जिले की शिक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की निगरानी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या शिक्षा विभाग ऐसे दबंग और लापरवाह शिक्षक पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगा?
क्या ऑनलाइन हाजिरी के फर्जीवाड़े पर संज्ञान लिया जाएगा क्या?
वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को संज्ञान मे लेते हुए दोषी में संस्था प्रभारी के ऊपर कठोर कार्यवाही करने का पहल करेंगे क्या एवं संरक्षण देने वाले कर्मचारियों के ऊपर भी कठोर आत्मक कार्रवाई होगी क्या ?





