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सुड़गांव का विद्युत ट्रांसफार्मर खराब, पूरी बस्ती अंधेरे में
विभागीय अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, ग्रामीण परेशान
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मंडला MP हेमंत नायक महाराजपुर
मोहगांव, मंडला न्यूज़ :– मंडला जिले के आदिवासी बहुल विकास खंड मोहगांव के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुड़गांव में बिजली का ट्रांसफार्मर खराब होने से पूरी बस्ती अंधेरे में डूबी हुई है। 8 अगस्त से खराब पड़े इस ट्रांसफार्मर को ठीक करवाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार विद्युत वितरण केंद्र मोहगांव को सूचित किया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सरकार 24 घंटे बिजली देने का दावा करती है, लेकिन यहां एक महीने से भी ज़्यादा समय से बिजली बंद पड़ी है। इस समस्या का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनकी त्रैमासिक परीक्षाएं चल रही हैं और बिजली न होने से वे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
शिकायतें अनसुनी, जनता में आक्रोश
ग्रामीणों ने 1912 हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन तीन हफ़्तों से ज़्यादा का समय बीत जाने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि ये हेल्पलाइन नंबर भी कोई काम के नहीं हैं। स्थानीय निवासी इंद्रमेन मार्को और परमेश्वरदीन धुर्वे ने बताया कि बस्ती में 100 वोल्टेज का ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। इसके अलावा, बिजली के पोल और तार भी जर्जर हालत में हैं, जिससे लो वोल्टेज की समस्या हमेशा बनी रहती है।
ट्रांसफार्मर बदलने और व्यवस्था सुधारने की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर ज़्यादा क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाया जाए और बिजली के जर्जर पोल व ढीले तारों को भी ठीक किया जाए। उन्होंने बताया कि खुर्री टोला और दीवान टोला के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगाने से लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिल सकती है। पहल सिंह मार्को, शोभे लाल धुर्वे, मंगल सिंह, फग्गन सिंह मरावी, बृजलाल धुर्वे, और बुद्धु सिंह मसराम ने भी बताया कि ट्रांसफार्मर की दूरी और अधिक कनेक्शन होने से लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
इसके अलावा, रोड के ऊपर से गुजरने वाले ढीले तारों की वजह से बड़े वाहनों की आवाजाही में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब न तो सरकार पर और न ही विद्युत विभाग के अधिकारियों पर भरोसा कर पा रहे हैं। इस समस्या से नाराज़ ग्रामीण कभी भी सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर सकते हैं।
उद्योग पर भी संकट
इंद्रमेन मार्को ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम एफएमई) के तहत एक छोटा व्यवसाय शुरू किया था, लेकिन महीनों से बिजली न होने के कारण उनका काम ठप पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से एक महीने की बैंक ईएमआई और बिजली बिल माफ करने का आदेश देने का निवेदन किया है, क्योंकि बिना काम किए भी उन्हें लोन की किश्तें और बिजली का बिल भरना पड़ रहा है।









