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कालांवाली: देवी भागवत कथा के प्रचार हेतु महादेव नंदीशाला में प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित

कालांवाली: देवी भागवत कथा के प्रचार हेतु महादेव नंदीशाला में प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित

रिपोर्टर इन्द्र जीत

लोकेशन कालावाली

कालांवाली। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आगामी 1 फरवरी से 7 फरवरी तक महाजन धर्मशाला में आयोजित होने वाली श्रीमद् देवी भागवत कथा के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से श्री महादेव नंदीशाला परिसर में एक भव्य एवं प्रेरणादायी आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी, धर्मप्रेमी नागरिक तथा विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संस्थान के संस्थापक परम पूज्य सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी जसप्रीत भारती जी का सारगर्भित प्रवचन रहा। उन्होंने श्रीमद् देवी भागवत के आध्यात्मिक, सामाजिक और नैतिक महत्व पर गहन प्रकाश डालते हुए इसे केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक बताया। साध्वी जी ने कहा कि देवी भागवत नारी शक्ति, करुणा, सद्भाव और सामाजिक संतुलन का पवित्र संदेश देता है, जो आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है।
अपने प्रवचन में उन्होंने आधुनिक समाज की चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भौतिकवादी प्रवृत्तियों के कारण मानव नैतिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पारिवारिक टूटन, मानसिक तनाव और सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देवी भागवत व्यक्ति को आत्मचिंतन, संयम, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
साध्वी जसप्रीत भारती जी ने विशेष रूप से नारी सम्मान और संस्कारों की पुनर्स्थापना पर बल देते हुए कहा कि जब समाज में मातृशक्ति का सम्मान बढ़ेगा और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाया जाएगा, तभी सशक्त, स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण संभव होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे देवी शक्ति के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं ताकि सामाजिक विकृतियों से मुक्ति मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा नगरवासियों से आग्रह किया गया कि वे 1 से 7 फरवरी तक महाजन धर्मशाला में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों, ताकि कालांवाली में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों का पुनर्जागरण हो सके। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

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