कांठ: कभी भुलाया नहीं जा सकता कारगिल शहीद अरविंद सिंह का बलिदान: डॉ. नरेंद्र सिंह


कांठ (मुरादाबाद)। कारगिल युद्ध के अमर शहीद अरविंद सिंह के बलिदान दिवस पर उनके पैतृक ग्राम आवी हाफिजपुर (मिलक) में स्थित आवास पर पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी राष्ट्र कल्याण यज्ञ एवं श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर (राजनीति विज्ञान) डॉ. नरेंद्र सिंह ने शहीद अरविंद सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल शहीद अरविंद सिंह का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है, आज ही के दिन शहीद अरविंद सिंह ने राष्ट्र की बलिवेदी पर अपने प्राणों की आहुति दी थी, जिसके परिणामस्वरूप कारगिल में हमारी सेना को विजय प्राप्त करने में सफलता मिली थी। उन्होंने कहा कि वह एक फौजी परिवार का दर्द भली-भांति समझते हैं। कहा कि शहीद अरविंद ने अपने सर्वोच्च बलिदान से स्वयं को अमर बना दिया है। हम सभी का कर्तव्य है कि इस दिन को हर साल मनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा ले सकें। कहा कि किसी भी सैनिक अथवा उसके परिवार का कोई भी कार्य होगा, तो वह उसे कराने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। इस अवसर पर शहीद अरविंद के पिता स्वर्गीय मुख्तियार सिंह की कमी सभी ने महसूस की, जिनका कुछ समय पूर्व निधन हो गया था।

ज्ञात हो कि कारगिल युद्ध के दौरान 29 जून 1999 को जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए अरविंद सिंह की स्मृति में प्रतिवर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्र कल्याण यज्ञ से हुआ। मंगू सिंह आर्य एवं ओमदेव आर्य के संयुक्त निर्देशन में यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें राष्ट्र कल्याण, विश्व शांति तथा देश की समृद्धि की कामना की गई। यज्ञ में शहीद के भाई धर्मेंद्र सिंह मुख्य यजमान रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंगू सिंह आर्य ने कहा कि शहीद होना अपने आप में गौरव की बात है। अरविंद सिंह ने अपने प्राणों की आहुति देकर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि अमरोहा शहर के प्रमुख चौराहों का नाम शहीदों के नाम पर रखा जाए, ताकि लोग उनके बलिदान को सदैव याद रखें।

शहीद के भाई धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जब उनके भाई अरविंद सिंह शहीद हुए थे, उस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। उस वक्त शहीद गेट, 25 बेड के अस्पताल, टीनशेड, सरकारी नल तथा गांव का नाम ‘शहीद अरविंद नगर’ किए जाने सहित कई घोषणाएं की गई थीं। उन्होंने कहा कि शहीद गेट एवं सरकारी नल का कार्य तो पूरा हो गया, लेकिन अन्य घोषणाएं आज तक पूरी नहीं हुई हैं। वर्तमान में भी प्रदेश में भाजपा की सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार अपने शेष वादों को भी शीघ्र पूरा करेगी। महिपाल सिंह ने कहा कि सैनिकों के बलिदान से ही राष्ट्र की एकता और अखंडता सुरक्षित रहती है। हमें बढ़-चढ़कर शहीदों की पुण्यतिथि मनानी चाहिए, ताकि समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना और अधिक मजबूत हो।
श्रद्धांजलि समारोह में शहीद अरविंद सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर एडवोकेट धर्मेंद्र सिंह, डॉ. नरेंद्र सिंह, मंगू सिंह आर्य, आरभ चौधरी, महिपाल सिंह, योगराज सिंह, समरपाल सिंह, काले प्रधान, वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र चौहान सहित अनेक गणमान्य लोगों ने हवन में आहुति देकर शहीद को नमन किया। अंत में शहीद के भाई धर्मेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट: पंकज कुमार, कांठ। ✍️
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