
सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * जिले में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा मिलावटी व सिंथेटिक दूध के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा तत्काल प्रभाव से विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत कलेक्टर ने खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण एवं सैंपलिंग हेतु अधिकारियों के निर्देशानुसार तहसीलवार संयुक्त जांच दलों का गठन किया है।साथ ही साप्ताहिक अभियान के दौरान किए गए निरीक्षण, लिए गए नमूनों, त्वरित परीक्षणों एवं की गई वैधानिक कार्यवाही का विस्तृत प्रतिवेदन दिनांक 31 जुलाई 2026 तक भेजे। सागर नगर, सागर ग्रामीण, राहतगढ़, जैसीनगर, बण्डा एवं शाहगढ़: इस क्षेत्र के दल में संबंधित तहसीलदार, संदीप वर्मा (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) एवं संबंधित थाना प्रभारी शामिल रहेंगे। देवरी, रहली एवं गढ़ाकोटा: इस क्षेत्र के दल में संबंधित तहसीलदार, शीतल सिंह (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) एवं संबंधित थाना प्रभारी शामिल रहेंगे। खुरई, मालथौन, बीना, केसली एवं बांदरी,इस क्षेत्र के दल में संबंधित तहसीलदार, श्रीमती प्राति राय (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) एवं संबंधित थाना प्रभारी शामिल रहेंगे। कलेक्टर ने निरीक्षण एवं जांच दल को निर्देश दिए कि जिले के समस्त दूध चिलिंग प्लांट, डेयरी इकाइयों, दूध संग्रहण केन्द्रों, दूध निर्माण इकाइयों, थोक विक्रेताओं एवं अन्य संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालकों का सघन निरीक्षण किया जाए। संदेहास्पद दूध एवं दुग्ध उत्पादों के पर्याप्त संख्या में नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अनुसार संग्रहित किए जाए। निरीक्षण के दौरान दूषित और मिलावटी दूध पाये जाने पर जप्ती एवं प्रतिष्ठान को सील करने की कार्यवाही अधिनियम अनुसार की जाये। प्राथमिक स्तर पर दूध की गुणवत्ता एवं मिलावट की जांच मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला तथा मैजिक बॉक्स के माध्यम से कराई जाए। निरीक्षण के दौरान यदि सिंथेटिक दूध, मिलावटी दूध, नकली दूध अथवा अन्य किसी प्रकार की खाद्य अपमिश्रण संबंधी गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई भी की जाए,





